Japan Sakurajima volcano eruption: जापान के क्यूशू द्वीप पर स्थित सकुराजिमा ज्वालामुखी में रविवार तड़के कई भीषण विस्फोट हुए। मौसम विभाग (JMA) के मुताबिक, पहला बड़ा विस्फोट रात करीब 1 बजे हुआ, इसके बाद 2:30 बजे और सुबह 8:50 बजे दो और धमाके दर्ज किए गए। इन विस्फोटों के परिणामस्वरूप लावा और राख 4.4 किलोमीटर तक आकाश में उठ गई, जो पिछले 13 महीनों में सबसे ऊंची राख की उठान थी।
कागोशिमा शहर और इसके आसपास के इलाकों में राख की मोटी परत जमा होने लगी, जिससे दृश्यता में कमी आ गई और एयरपोर्ट पर भी हालात बिगड़ने लगे। सुरक्षा कारणों से लगभग 30 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा और कुछ को अपनी यात्रा स्थगित करनी पड़ी।
ज्वालामुखी विस्फोट के बाद स्थानीय प्रशासन ने लोगों को घरों में रहने, बाहर निकलने पर मास्क पहनने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। वैज्ञानिक सकुराजिमा ज्वालामुखी की गतिविधि पर रडार और सैटेलाइट की मदद से लगातार निगरानी रखे हुए हैं। यह ज्वालामुखी जापान के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है, और 2019 में भी इसने राख का उत्सर्जन किया था।
इस बार भी प्रशासन पूरी सतर्कता से राहत और सुरक्षा उपायों को लागू कर रहा है। राहत की बात यह है कि अब तक किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली है, लेकिन शहर में सफाई और परिवहन पर असर देखा जा रहा है। इसके अलावा स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा कारणों को देखते हुए करीब 30 उड़ानें रद्द कर दिया है।
यह घटना एक बार फिर जापान की “रिंग ऑफ फायर” क्षेत्र में स्थित होने की याद दिलाती है, जहां भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियां आम हैं। 2025 में जापान में कई ज्वालामुखी विस्फोट और भूकंप हुए। अधिकारी स्थिति पर कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं।
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15 मई को सकुराजिमा ज्वालामुखी फटा, जिससे 3000 से 4400 मीटर ऊंचा राख का गुबार उठा। नवंबर में भी सकुराजिमा विस्फोट हुआ, जिससे आसपास के प्रांतों में राख गिरने का अनुमान था। 8-9 नवंबर को इवाते प्रांत के पास 6.7-6.8 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके बाद सुनामी अलर्ट जारी हुआ और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया।