सांकेतिक एआई फोटो  
विदेश

भूकंप: जापान में 6.3 की तीव्रता से हिली धरती, घरों-दफ्तरों से बाहर भागे लोग; क्या आने वाली है सुनामी?

Japan Earthquake: जापान में शुक्रवार को 6.3 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। उत्तरी जापान के समुद्री क्षेत्र में 50 किमी गहराई में स्थित केंद्र के कारण कई शहरों में झटके लगे।

अमन उपाध्याय

Japan Earthquake Latest News In Hindi: जापान में शुक्रवार, 15 मई 2026 को भूकंप के तेज झटकों ने एक बार फिर दहशत फैला दी। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 6.3 मापी गई है। इस झटके के कारण देश के कई शहरों में लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। हालांकि राहत की बात यह है कि अभी तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है और न ही सुनामी की कोई चेतावनी जारी की गई है।

भूकंप का केंद्र और गहराई

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार शाम को आए इस भूकंप का केंद्र उत्तरी जापान के समुद्री क्षेत्र में स्थित था। विशेषज्ञों ने बताया कि भूकंप की गहराई जमीन से करीब 50 किलोमीटर नीचे थी। गहराई अधिक होने के कारण सतह पर इसका प्रभाव कम रहा लेकिन झटके कॉफी दूर तक लगे।

जनजीवन पर पड़ा असर

जैसे ही भूकंप के झटके महसूस हुआ, कई बड़े शहरों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने तुरंत कदम उठाते हुए कई रूटों पर ट्रेन सेवाओं को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया। यात्रियों को किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाने के लिए ट्रेनों को स्टेशनों पर ही रोक दिया गया था। जांच के बाद जब पटरियों और बुनियादी ढांचे को सुरक्षित पाया गया, तभी परिचालन फिर से शुरू करने की अनुमति दी गई।

सुनामी का कोई खतरा नहीं

तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता सुनामी को लेकर थी। हालांकि, मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान परिस्थितियों में सुनामी आने की कोई संभावना नहीं है। अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों या दिनों में 'आफ्टरशॉक्स' आ सकते हैं, इसलिए नागरिकों को पूरी तरह सतर्क रहने की जरूरत है।

जापान में बार-बार क्यों आते हैं भूकंप?

रिंग ऑफ फायर पर होने के नाते जापान में अधिकांश भूकंप के झटके आते रहते हैं। यहां पर चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों के आपस में टकराने और समुद्री प्लेटों के महाद्वीपीय प्लेटों के नीचे धंसने के कारण अत्यधिक भूगर्भीय दबाव बनता है। इसी भौगोलिक स्थिति की वजह से यहां साल भर में 1,500 से अधिक भूकंप आते हैं जो अक्सर विनाशकारी कंपन और सुनामी का खतरा पैदा करते हैं।

स्मित मच्छार के साहस ने याद दिलाया 1986 का वो हमला, जिसमें नीरजा भनोट ने आतंकी से लड़कर बचाई थी सैंकड़ों जाने

UPSC Centenary: PM नरेंद्र मोदी ने जारी किया स्मारक डाक टिकट-सिक्का, कैप्टन स्मित की बहादुरी का किया जिक्र

कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छार? कभी परिवार के टेक्सटाइल बिजनेस में बनाने वाले थे करियर, सब छोड़कर बन गए पायलट

फॉर्म 6 के बाद अब फॉर्म 7 पर रार! SIR पर कांग्रेस नेताओं का ताबड़तोड़ प्रहार, क्या बोल गए डीके शिवकुमार ?

Captain Smit Machchhar: PM नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित की बहादुरी को सराहा, पत्नी और माता-पिता से की बात