जमात-ए-इस्लामी प्रमुख शफीकुर रहमान (सोर्स- सोशल मीडिया) 
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महिलाओं का काम बच्चे पैदा करना...नेता बनना नहीं, जमात चीफ ने उगला जहर, अल्लाह का नाम लेकर कही ये घटिया बात

Bangladesh News: बांग्लादेश की जमात-ए-इस्लामी के नेता शफीकुर रहमान ने कहा कि महिलाएं कभी उनकी पार्टी की प्रमुख नहीं बन सकतीं, इसे ‘धार्मिक जिम्मेदारी’ और ‘जैविक सीमाओं’ से जोड़ा।

अक्षय साहू

Bangladesh General Election 2026: बांग्लादेश की कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी के नेता शफीकुर रहमान ने एक विवादित बयान दिया है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनकी पार्टी की कभी कोई महिला प्रमुख नहीं बन सकती। अल-जजीरा को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने इसे ‘धार्मिक जिम्मेदारियों’ और ‘जैविक सीमाओं’ से जोड़ा। रहमान का तर्क था कि अल्लाह ने पुरुष और महिलाओं को अलग बनाया है जैसे पुरुष बच्चे पैदा नहीं कर सकते और स्तनपान नहीं कर सकते इसीलिए महिलाएं पार्टी का नेतृत्व नहीं कर सकतीं।

बांग्लादेश में आगामी 12 फरवरी को होने वाले चुनाव में जमात-ए-इस्लामी ने एक भी महिला उम्मीदवार नहीं उतारा है।  रहमान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश में महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर पहले से ही बहस चल रही है।

महिलाओं को अल्लाह ने अलग बनाया

इंटरव्यू में शफीकुर रहमान ने कहा कि भविष्य में किसी महिला का पार्टी नेतृत्व करना असंभव है। उन्होंने इसे ‘ईश्वर प्रदत्त व्यवस्था’ बताया और कहा कि पुरुष और महिलाओं के बीच कुछ बुनियादी अंतर हैं। उनका कहना था, “जो अल्लाह ने बनाया है, उसे हम बदल नहीं सकते।” उन्होंने महिलाओं के नेतृत्व न होने का कारण ‘जैविक सीमाओं’ से जोड़ा, जैसे कि पुरुष बच्चे पैदा नहीं कर सकते और स्तनपान नहीं करा सकते।

जमात-ए-इस्लामी की ओर से आगामी संसदीय चुनाव में कोई महिला उम्मीदवार नहीं है। जब इस बारे में उनसे सवाल किया गया, तो उन्होंने इसे बांग्लादेश की सांस्कृतिक संरचना और समय की मांग बताया। रहमान ने कहा कि अन्य पार्टियों में भी ज्यादा महिलाएं नहीं दिखेंगी, हालांकि उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी इस दिशा में तैयारी कर रही है। जब उन्हें याद दिलाया गया कि बांग्लादेश पहले भी महिला प्रधानमंत्री देख चुका है, तो उन्होंने कहा कि दुनिया के ज्यादातर देशों ने इसे व्यावहारिक नहीं माना।

बांग्लादेश चुनाव में महिलाओं की कम भागीदारी

12 फरवरी के चुनाव दो कारणों से चर्चा में हैं। पहला, देश की सबसे पुरानी पार्टी अवामी लीग चुनाव नहीं लड़ रही क्योंकि यूनुस सरकार ने उस पर बैन लगाया है। दूसरा, चुनाव में महिलाओं की भागीदारी बहुत कम है। यूरेशिया रिव्यू के अनुसार, बढ़ती अराजकता और महिलाओं के प्रति असहिष्णुता के कारण महिलाएं चुनाव लड़ने से डर रही हैं।

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