गाजा पर इजरायली हमले में 24 फिलिस्तीनियों की मौत (सोर्स-सोशल मीडिया) 
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गाजा पर इजरायली हमले में 24 फिलिस्तीनियों की मौत, युद्धविराम समझौते पर गहराया संकट

Israel-Hamas Ceasefire: गाजा में इजरायली हमलों में 24 फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें दो नवजात भी शामिल हैं। 10 अक्टूबर से लागू संघर्षविराम टूटने की कगार पर है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।

प्रिया सिंह

Israel Gaza ceasefire under strain: गाजा पट्टी पर बुधवार को इजरायली हवाई और जमीनी हमलों ने भीषण तबाही मचाई है जिसमें 24 लोगों की जान चली गई है। इस ताजा हिंसा में मारे गए लोगों में दो नवजात शिशु, पांच बच्चे और सात महिलाएं भी शामिल हैं जो बेहद दुखद है। यह हमले ऐसे समय हुए हैं जब अक्टूबर से लागू संघर्षविराम पर हमास और इजरायल के बीच लगातार दबाव बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस निरंतर गोलाबारी के कारण युद्ध वास्तव में जमीन पर कभी पूरी तरह रुका ही नहीं है।

मासूमों पर बरपा कहर

गाजा शहर के अल-तुफ्फाह इलाके में बुधवार तड़के हुए एक भीषण हवाई हमले में एक ही परिवार के 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। मृतकों में महज 10 दिन की वतीन खब्बाज और पांच महीने की मीरा खब्बाज जैसे बेगुनाह नवजात शिशु और उनकी बूढ़ी दादी भी शामिल हैं। शिफा अस्पताल के परिसर में इस घटना के बाद मातम छाया हुआ है और पीड़ित परिजन इन मासूम बच्चों के कसूर पर सवाल उठा रहे हैं।

इजरायल का सैन्य पक्ष

इजरायली सेना ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि उन्होंने उन तीन उग्रवादी नेताओं को मार गिराया है जो उनके सैनिकों के लिए खतरा थे। सेना का दावा है कि यह जवाबी कार्रवाई हमास द्वारा किए गए उस हमले के बाद की गई है जिसमें एक इजरायली सैनिक गंभीर रूप से घायल हुआ था। इजरायल का मानना है कि हमास और इस्लामिक जिहाद के कमांडरों को खत्म करना उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है।

संघर्षविराम पर बढ़ता दबाव

10 अक्टूबर से लागू हुए संघर्षविराम के बावजूद गाजा पट्टी में हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं जिससे शांति की उम्मीदें धूमिल हो रही हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार इस विराम के लागू होने के बाद से अब तक गाजा में कुल 556 फिलिस्तीनी अपनी जान गंवा चुके हैं। वहीं दूसरी तरफ इजरायल का दावा है कि इस तथाकथित शांति की अवधि के दौरान उसके भी चार बहादुर सैनिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।

कमांडरों पर लक्षित हमले

खान यूनिस के मुवासी इलाके में एक विस्थापित टेंट पर हुए हमले में एक पैरामेडिक सहित तीन लोगों की मौत हुई और 10 अन्य घायल हुए। इजरायली सेना ने दावा किया कि इस हमले में उन्होंने हमास के प्लाटून कमांडर बिलाल अबू असी को निशाना बनाया जो 7 अक्टूबर के नरसंहार में शामिल था। गाजा सिटी और अल-शाती शरणार्थी शिविर में भी अलग-अलग हमले हुए हैं जिससे स्थानीय नागरिक आबादी के भीतर डर और असुरक्षा का माहौल गहरा गया है।

मानवीय संकट और भविष्य

राफा सीमा पार से लोगों की आवाजाही अभी भी सीमित है और गंभीर रूप से घायल मरीजों को इलाज के लिए मिस्र जाने से रोका जा रहा है। हालांकि बंधकों की रिहाई और कैदियों की अदला-बदली जैसे सकारात्मक कदम पहले उठाए गए हैं लेकिन गाजा के पुनर्निर्माण और सुरक्षा के मुद्दे अभी भी अधर में हैं। अक्टूबर 2023 से जारी इस भीषण संघर्ष में अब तक 71,800 से अधिक फिलिस्तीनी नागरिक मारे जा चुके हैं जो आधुनिक इतिहास की एक बड़ी त्रासदी है।

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