मोजतबा खामेनेई और बेंजामिन नेतन्याहू, फोटो (सो. सोशल मीडिया)  
विदेश

तारीख तुम तय नहीं करोगे... इजरायल का मोजतबा खामेनेई को कड़ा संदेश, हिजबुल्लाह पर जारी रहेगा हमला!

Israel Warns Iran: इजरायल ने ईरान को चेतावनी दी है कि लेबनान में सीजफायर की शर्तें और तारीख तेहरान तय नहीं करेगा। विदेश मंत्री गिदोन सआर ने स्पष्ट किया कि हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

अमन उपाध्याय

Israel Warns Iran Over Lebanon Ceasefire: मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच इजरायल ने ईरान को एक बार फिर कड़ा और सीधा संदेश भेजा है। इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सआर ने स्पष्ट रूप से कहा है कि लेबनान में युद्धविराम (Ceasefire) कब और किन शर्तों पर होगा, इसका फैसला करने का अधिकार ईरान को नहीं दिया जाएगा।

यह बयान विशेष रूप से ईरान के सर्वोच्च नेता के संभावित उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई को संबोधित करते हुए दिया गया है, जो इस समय क्षेत्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

हिजबुल्लाह पर हमलों से कमजोर हो रहा है ईरान

इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सआर के मुताबिक, लेबनान में सक्रिय आतंकी संगठन हिजबुल्लाह इजरायली सेना की निरंतर सैन्य कार्रवाई के कारण लगातार कमजोर हो रहा है। इजरायल का मानना है कि हिजबुल्लाह की ताकत घटने का सीधा मतलब लेबनान में ईरान के प्रभाव का कम होना है। सआर ने चेतावनी दी कि यदि लेबनान में सीजफायर की तारीख तय करने की छूट ईरान को दी गई, तो यह एक 'बड़ी रणनीतिक गलती' होगी, क्योंकि इससे तेहरान को उस क्षेत्र में अपनी पकड़ फिर से मजबूत करने का अवसर मिल जाएगा।

सीजफायर के दायरे पर छिड़ा विवाद

वर्तमान में इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच एक तकनीकी सीजफायर की स्थिति बनी हुई है, लेकिन लेबनान को लेकर दोनों पक्षों के विचार पूरी तरह अलग हैं। इजरायल और अमेरिका का तर्क है कि लेबनान इस युद्धविराम समझौते का हिस्सा नहीं है क्योंकि वहां हिजबुल्लाह जैसे सक्रिय संगठन मौजूद हैं।

दूसरी ओर, ईरान इस बात पर अड़ा है कि लेबनान को किसी भी शांति समझौते से अलग नहीं रखा जा सकता। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बगेर गालिबफ ने जोर देकर कहा है कि लेबनान और 'रेजिस्टेंस एक्सिस' ईरान के रणनीतिक सहयोगी हैं और उनके बिना कोई भी समझौता संभव नहीं है।

क्षेत्रीय अस्थिरता और वैश्विक प्रभाव

यह कूटनीतिक वाकयुद्ध ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी का ऐलान किया है, जिससे वैश्विक स्तर पर तेल की आपूर्ति और आर्थिक सुरक्षा पर संकट मंडरा रहा है। इजरायल ने साफ कर दिया है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए लेबनान में सैन्य अभियान जारी रखेगा, चाहे अंतरराष्ट्रीय दबाव कितना भी क्यों न हो। विशेषज्ञों का मानना है कि लेबनान को सीजफायर के दायरे में शामिल करने या न करने का यह विवाद आने वाले दिनों में जंग को और अधिक भीषण बना सकता है।

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