UK Imposing Israel Sanctions: ब्रिटेन और इजरायल के बीच वेस्ट बैंक को लेकर तनाव अब कूटनीतिक टकराव में बदलता नजर आ रहा है। वेस्ट बैंक की इजरायली बस्तियों से होने वाले व्यापार पर ब्रिटेन की पाबंदी के बाद इजरायल ने कड़ा जवाब दिया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मंजूरी के बाद विदेश मंत्री गिदोन सार ने ब्रिटेन के खिलाफ चार बड़े फैसलों की घोषणा की। इनमें यरुशलम स्थित ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास को बंद करना, ब्रिटिश प्रतिनिधियों को हटाना और कुछ ब्रिटिश नागरिकों के इजरायल में प्रवेश पर रोक जैसे कदम शामिल हैं।
ब्रिटेन के वेस्ट बैंक स्थित इजरायली बस्तियों के उत्पादों पर व्यापार प्रतिबंध लगाने के फैसले से इजरायल सरकार नाराज है। इसके जवाब में इजरायल ने पूर्वी यरुशलम स्थित ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास को बंद करने का आदेश दिया है।
इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू की सहमति से यह फैसला लिया। इजरायली सरकार का कहना है कि यरुशलम उसकी राजधानी है और शहर में विदेशी गतिविधियां उसकी संप्रभुता का सम्मान करते हुए ही होनी चाहिए।
इजरायल की कार्रवाई केवल ब्रिटिश कॉन्सुलेट बंद करने तक सीमित नहीं रही। सरकार ने ब्रिटेन के खिलाफ चार अहम कदमों का ऐलान किया है। इनमें यरुशलम स्थित ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास बंद करना पहला फैसला है।
दूसरे फैसले के तहत किर्यात गात स्थित अंतरराष्ट्रीय गाजा सपोर्ट मिशन से ब्रिटिश प्रतिनिधियों को हटाया जाएगा। तीसरे कदम में रामल्लाह में ब्रिटिश सपोर्ट टीम द्वारा फिलिस्तीनी अथॉरिटी के सुरक्षा बलों को दी जा रही सैन्य ट्रेनिंग रोकने की बात कही गई है।
चौथे फैसले के तहत 12 ब्रिटिश सांसदों और कई नागरिकों के इजरायल में प्रवेश पर रोक लगाई गई है। प्रतिबंधित लोगों में पूर्व ब्रिटिश नेता जेरेमी कॉर्बिन और सांसद ज़राह सुल्ताना के नाम भी शामिल हैं।
ब्रिटेन के विदेश सचिव एड मिलिबैंड ने संसद में वेस्ट बैंक की इजरायली बस्तियों से होने वाले आयात पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। इसके बाद कई पश्चिमी देशों ने भी इजरायल के खिलाफ अपना रुख सख्त किया।
फ्रांस, कनाडा, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे, पोलैंड, पुर्तगाल, स्पेन और स्वीडन समेत 12 देशों ने संयुक्त बयान जारी किया। इसमें इजरायली बस्तियों के विस्तार और फिलिस्तीनियों के खिलाफ बढ़ती हिंसा को रोकने की मांग की गई।
एड मिलिबैंड ने वेस्ट बैंक में इजरायली बसने वालों पर फिलिस्तीनियों के खिलाफ हिंसा और कथित जातीय सफाये का आरोप लगाया। इजरायल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें अपमानजनक, झूठा और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है।
गिदोन सार ने ब्रिटिश सरकार पर इजरायल के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने और आगामी 27 अक्टूबर 2026 के संसदीय चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप भी लगाया।
नेतन्याहू सरकार वेस्ट बैंक को यहूदी लोगों की ऐतिहासिक मातृभूमि का हिस्सा मानती है और E1 क्षेत्र में नए घरों के निर्माण के जरिए बस्तियों के विस्तार की नीति पर आगे बढ़ रही है।
वहीं, पश्चिमी देशों का दबाव बढ़ने से इजरायल और यूरोपीय देशों के बीच संबंधों में तनाव गहरा रहा है। व्यापार प्रतिबंधों और जवाबी कूटनीतिक फैसलों के बीच आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ सकता है।