इजरायल ने कार्डिनल को यरुशलम में चर्च में जाने से रोका (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

मस्जिद के बाद इजरायल ने चर्च पर लगाया ताला! कार्डिनल की एंट्री रोक से भड़के ईसाई, नेतन्याहू ने बताई वजह

Israel-Iran War: यरूशलम में पाम संडे पर इजरायली पुलिस ने वेटिकन के कार्डिनल पियरबतिस्ता पिज्जाबल्ला को चर्च में प्रवेश से रोका। इस घटना से इटली और वेटिकन के साथ कूटनीतिक तनाव गहरा गया है।

अक्षय साहू

Israel Blocks Cardinal from Jerusalem: इजरायली पुलिस ने रविवार को वेटिकन के बड़े कार्डिनल पियरबतिस्ता पिज्जाबल्ला को यरूशलम के चर्च ऑफ द होली सेपल्चर में प्रवेश करने से रोक दिया, जहां वे पाम संडे मास (संडे प्रार्थना सभा) में भाग लेने जा रहे थे। यह घटना सदियों में पहली बार हुई जब किसी कार्डिनल को चर्च में प्रवेश से रोका गया।

चर्च के अधिकारियों के अनुसार, कार्डिनल पिज्जाबल्ला, जो पिछले साल पोप बनने के संभावित दावेदारों में से एक थे, बिना किसी जुलूस या औपचारिक अनुष्ठान के निजी तौर पर प्रवेश कर रहे थे। वे फादर फ्रांसेस्को इलपो के साथ थे, जब सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें रोक दिया गया।

विवाद बढ़ने के बाद झुकी नेतन्याहू सरकार

हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रात में कार्डिनल को चर्च में प्रवेश की अनुमति दे दी। उन्होंने कहा, “हालांकि मैं इस चिंता को समझता हूं, लेकिन जैसे ही मुझे कार्डिनल पिज्जाबल्ला के साथ हुई घटना के बारे में पता चला, मैंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पैट्रिआर्क को उनकी इच्छा के अनुसार धार्मिक अनुष्ठान करने की अनुमति दी जाए।”

नेतन्याहू ने कहा कि रोक के पीछे सुरक्षा कारण थे, खासकर ईरान के हमलों के बीच सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया। इजरायल ने युद्ध शुरू होने के बाद से सभी बड़े धार्मिक जमावड़ों पर प्रतिबंध लगा रखा है, जिसमें मस्जिद अल-अक्सा में नमाज पर भी पाबंदी शामिल है।

इटली के साथ कूटनीतिक तनाव

इजरायल के इस कदम से इटली के साथ कूटनीतिक तनाव पैदा हो गया। इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने कहा कि उन्होंने इस घटना पर इजरायल के राजदूत को तलब किया है। वेटिकन ने भी कार्डिनल के प्रवेश से रोके जाने की निंदा की है और कहा है कि यह कदम ईसाई धर्म के पवित्र स्थलों की स्वतंत्र धार्मिक प्रथाओं के अधिकार के खिलाफ है।

ईसाई समुदाय इजरायल के खिलाफ गुस्सा

दुनियाभर के ईसाई समुदाय में इजरायल के खिलाफ गुस्सा देखा गया है। यरूशलम का चर्च ऑफ द होली सेपल्चर ईसाई धर्म के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है और इसे दुनिया के सबसे पुराने चर्चों में से एक माना जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना यरूशलम में बढ़ते सुरक्षा तनाव और संघर्ष की पृष्ठभूमि में हुई। हालांकि, कार्डिनल पिज्जाबल्ला को बाद में मास आयोजित करने की अनुमति दी गई, लेकिन इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजरायल की नीतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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