इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

Israel के पीएम नेतन्याहू का बड़ा बयान, लेबनान सीजफायर के बाद बोले- हिजबुल्लाह का काम पूरा नहीं हुआ

Israel Lebanon Conflict: इजरायल और लेबनान के बीच सीजफायर होने के बावजूद पीएम नेतन्याहू ने कहा है कि हिजबुल्लाह का खात्मा अभी पूरा नहीं हुआ है और इजरायल का यह अहम सैन्य अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।

प्रिया सिंह

Netanyahu Lebanon Ceasefire Hezbollah Mission: इजरायल और लेबनान के बीच एक अस्थायी सीजफायर लागू होने के बाद मध्य पूर्व के हालात कुछ शांत दिख रहे हैं। लेकिन Israel के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने एक कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि हिज़्बुल्लाह मिशन अभी खत्म नहीं हुआ है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष अनुरोध पर इस संघर्ष विराम को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दी गई थी। नेतन्याहू ने पूरी दुनिया को साफ किया है कि हिजबुल्लाह को पूरी तरह नष्ट करने का उनका बड़ा लक्ष्य अभी भी बाकी है।

नेतन्याहू का बड़ा दावा

Israel के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को दावा किया कि उनकी सेना ने लेबनान में बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने बताया कि Israel ने हिजबुल्लाह के करीब 90 प्रतिशत मिसाइल और रॉकेट भंडारों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। इसके बावजूद उन्होंने यह साफ किया कि इस आतंकवादी समूह को जड़ से खत्म करने का काम अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

ट्रंप का अहम बयान

प्रधानमंत्री नेतन्याहू का यह सख्त बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक अहम सोशल मीडिया पोस्ट के ठीक बाद सामने आया है। ट्रंप ने अपनी पोस्ट में कहा था कि अमेरिका ने Israel को लेबनान पर आगे और बमबारी करने से पूरी तरह रोक दिया है। इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी साफ तौर पर कहा कि दोनों देशों के बीच यह खूनी युद्ध अब बहुत हो गया है।

लेबनान सरकार का फैसला

इस सीजफायर के बीच लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने भी अपने देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राजधानी बेरूत समेत पूरे गवर्नररेट पर बहुत ही जल्द पूरी तरह से अपना कंट्रोल वापस ले लेगी। इसके बाद लेबनान में हथियारों का इस्तेमाल सिर्फ सरकारी फौजों तक ही सीमित रहेगा ताकि निर्दोष नागरिकों की पूरी रक्षा हो सके।

हिजबुल्लाह की मुख्य शर्तें

दूसरी ओर लेबनान के हथियारबंद गुट हिजबुल्लाह ने पूरी सावधानी बरतते हुए इस नए संघर्ष विराम का कुछ हद तक समर्थन किया है। उन्होंने शर्त रखी है कि सीजफायर लेबनान के पूरे क्षेत्र को कवर करे और Israel की सेना वहां से पूरी तरह वापस चली जाए। इस समूह ने यह भी दावा किया है कि यह संघर्ष विराम मुख्य रूप से उनके सहयोगी देश ईरान के भारी दबाव के कारण ही संभव हो सका है।

भयानक तबाही का मंजर

लेबनान में 2 मार्च से इजरायली हमलों के कारण भारी तबाही हुई है और आम लोगों को बहुत ही ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार इन भयंकर हमलों में अब तक मारे गए लोगों की संख्या 2,294 तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा इस भीषण युद्ध के दौरान पूरे लेबनान में कम से कम 7,544 लोग बुरी तरह से घायल भी हुए हैं जिनका इलाज चल रहा है।

सीधी बातचीत का विरोध

हिजबुल्लाह ने लेबनानी सरकार द्वारा Israel के साथ सीधी बातचीत शुरू करने की कड़ी निंदा करते हुए अपनी गहरी नाराजगी जताई है। उनका मानना है कि इजरायल के साथ किसी भी तरह की सीधी कूटनीतिक बातचीत उनके संगठन के मूल सिद्धांतों के बिल्कुल खिलाफ है। इसलिए मध्य पूर्व में हालात अभी भी काफी नाजुक बने हुए हैं और भविष्य में कभी भी हालात बदलकर फिर से युद्ध में बदल सकते हैं।

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