यरूशलम: इजराइली सेना ने जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान के हिस्से के रूप में दर्शाने वाला गलत नक्शा पोस्ट करने के लिए माफी मांगी है। इसके साथ ही इजरायल डिफेंस फोर्स ने कहा है कि संबंधित मैप सीमाओं को सटीक रूप से दर्शानें में विफल रहा। इजराइली सेना की ओर से मानचित्र पोस्ट किए जाने के बाद भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स ने आपत्ति जताई थी। यह नक्शा इजराइली रक्षा बलों (IDF) ने शुक्रवार को अपने ‘एक्स' हैंडल पर पोस्ट किया था जिसमें ईरानी मिसाइलों की रेंज दिखाई गई थी।
इस पोस्ट की भारत में सोशल मीडिया यूजर्स ने आलोचना की थी। इस संबंध में एक यूजर्स ने ‘एक्स' पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि अब आपको समझ में आ गया होगा कि भारत तटस्थ क्यों रहता है। कूटनीति में कोई भी वास्तव में आपका मित्र नहीं होता। जवाब में आईडीएफ ने स्वीकार किया कि मानचित्र ‘‘सीमाओं को सटीक रूप से चित्रित करने में विफल रहा है।
आईडीएफ ने ‘एक्स' पर कहा कि यह पोस्ट क्षेत्र का एक चित्रण है। यह मानचित्र सीमाओं को सटीक रूप से चित्रित करने में विफल रहा है। इस छवि के कारण पहुंची किसी भी ठेस के लिए हम क्षमा चाहते हैं। इसने अपने पोस्ट में ईरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन राइजिंग लॉयन' शुरू करने को उचित ठहराया था और साथ ही गलत मानचित्र पेश किया था। आईडीएफ ने लिखा कि ईरान एक वैश्विक खतरा है। इजराइल अंतिम लक्ष्य नहीं है, यह तो केवल शुरुआत है। हमारे पास कार्रवाई करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं था।
इसके साथ ही इजराइली वायुसेना ने भी एक छोटा वीडियो पोस्ट किया जिसमें ईरानी मिसाइलों की रेंज को दर्शाते हुए ऐसा ही नक्शा दिखाया गया। विवाद के बाद भारत में इजराइल के राजदूत रियुवेन अजर ने ‘एक्स' पर इस मानचित्र को ‘‘अनजाने में बनाया गया बुरा इन्फोग्राफिक्स'' करार दिया। राजदूत ने कहा कि उन्होंने नक्शे को हटाने या ठीक करने को कहा है। भारत हमेशा कहता रहा है कि जम्मू-कश्मीर देश का अभिन्न अंग है।
एजेंसी इनपुट के साथ-