इजरायल पर लेबनान में 'व्हाइट फॉस्फोरस' के इस्तेमाल का आरोप, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
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मांस-हड्डी सब गला देता है... लेबनान पर इजरायल ने ये खतरनाक हथियार किया इस्तेमाल! 400 लोगों की हुई मौत

Israel Lebanon War: इजरायल-लेबनान युद्ध में 'व्हाइट फॉस्फोरस' के इस्तेमाल से हड़कंप मच गया है। 815 डिग्री तापमान पैदा करने वाला यह केमिकल इंसानी हड्डियों तक को जला देता है।

अमन उपाध्याय

White Phosphorus Attack: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण जंग के बीच इजरायली सेना पर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के रिहायशी इलाकों में 'व्हाइट फॉस्फोरस' जैसे विनाशकारी रासायनिक पदार्थ का इस्तेमाल किया है। यह एक ऐसा केमिकल है जो न केवल इमारतों में आग लगा सकता है, बल्कि इंसानी मांस और हड्डियों तक को पूरी तरह गला देने की क्षमता रखता है।

815 डिग्री तापमान और जानलेवा प्रभाव

सफेद फॉस्फोरस एक मोम जैसा पदार्थ होता है जिसकी गंध लहसुन जैसी होती है। इसकी सबसे भयानक खूबी यह है कि हवा में मौजूद ऑक्सीजन के संपर्क में आते ही यह खुद-ब-खुद जलने लगता है। इसके जलने से 815 डिग्री सेल्सियस तक का प्रचंड तापमान पैदा होता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि मानव शरीर 50 से 60 डिग्री का तापमान भी सहन नहीं कर सकता, ऐसे में 800 डिग्री से अधिक का यह केमिकल त्वचा को गहराई तक जलाकर हड्डियों तक पहुंच जाता है। इसके जलने से निकलने वाला धुआं अगर सांस के जरिए फेफड़ों में चला जाए तो यह ऑर्गन फेलियर और तत्काल मौत का कारण बन सकता है।

रिहायशी इलाकों को बनाया निशाना

ह्यूमन राइट्स वॉच ने सात तस्वीरों को जियोलोकेट और वेरिफाई करने के बाद कहा है कि इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के योहमोर गांव के नागरिक इलाकों में आर्टिलरी के जरिए व्हाइट फॉस्फोरस दागा। यह हमला उस समय हुआ जब इजरायली सेना ने नागरिकों को इलाका खाली करने की चेतावनी दी थी।

अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत, घनी आबादी वाले क्षेत्रों में इस हथियार का उपयोग प्रतिबंधित है क्योंकि यह अंधाधुंध नुकसान पहुंचाता है। हालांकि, इजरायली सेना ने पहले भी ऐसे आरोपों पर कहा है कि वह इसका उपयोग केवल 'स्मोक स्क्रीन' के तौर पर करती है, न कि नागरिकों को निशाना बनाने के लिए।

400 मौतें और भारी तबाही

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 2 मार्च 2026 से 8 मार्च 2026 के बीच इजरायली एयरस्ट्राइक्स में 400 लोग मारे गए हैं। इन मृतकों में 83 बच्चे और 42 महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा, 1130 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई गंभीर रूप से जले हुए हैं। इजरायली हमलों ने न केवल दक्षिणी लेबनान, बल्कि बेरूत के उपनगरों और बेकां घाटी को भी मलबे में तब्दील कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री राकान नासरेद्दीन ने इन हमलों के बाद पैदा हुई स्थिति को एक गंभीर 'मानवीय संकट' करार दिया है।

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