इराक में अमेरिकी सैन्य बेस पर हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

इराक में अमेरिकी सैन्य बेस पर ताबड़तोड़ हमला, कई धमाकों से कांपा इरबिल; पूरे खाड़ी क्षेत्र में बढ़ी टेंशन

Iraq US Base Attack: उत्तरी इराक के इरबिल में अमेरिकी सैन्य ठिकाने के पास सिलसिलेवार सात विस्फोटों से दहशत फैल गई है। अमेरिका-ईरान विवाद के बीच इस हमले ने तनाव चरम पर पहुंचा दिया है।

अमन उपाध्याय

Iraq US Base Attack Iran: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच शुक्रवार को उत्तरी इराक के इरबिल शहर में एक बड़ा सैन्य हमला हुआ है। यहां अमेरिकी सेना की मौजूदगी वाले एक महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाने के पास सिलसिलेवार सात जोरदार धमाके सुने गए।

इन धमाकों के बाद इलाके में भीषण आग लग गई और आसमान में काले धुएं का गुबार साफ देखा गया। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपने 13 रातों से चले आ रहे सैन्य अभियानों को समाप्त करने की घोषणा की थी।

सुबह के समय हुआ सिलसिलेवार हमला

जानकारी के अनुसार, स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 9:30 बजे इरबिल शहर के अर्ध-स्वायत्त कुर्द क्षेत्र में धमाकों की गूंज सुनाई दी। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि विस्फोट इतने शक्तिशाली थे कि उनकी आवाज दूर तक सुनी गई। हमले के तुरंत बाद सैन्य अड्डे और उसके आसपास के हिस्सों से आग की लपटें उठती देखी गईं। फिलहाल इस हमले में हुए नुकसान या हताहतों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

होर्मुज  पर कब्जे की जंग

इस ताजा हमले को अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव का हिस्सा माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच विवाद की मुख्य वजह होर्मुज पर नियंत्रण हासिल करना है। यह समुद्री रास्ता वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि दुनिया के कुल तेल और गैस परिवहन का पांचवां हिस्सा यहीं से होकर गुजरता है।

अमेरिकी केंद्रीय कमान के मुताबिक, हालिया सैन्य कार्रवाई ईरान की उन क्षमताओं को कम करने के लिए की गई थी, जिसके जरिए वह इस व्यापारिक मार्ग से गुजरने वाले जहाजों और नागरिक नाविकों को धमकाता रहा है।

मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव

ईरान और अमेरिका के बीच जारी इस जंग का असर अब पड़ोसी देशों पर भी दिखने लगा है। खाड़ी देशों में सायरन की आवाजें आम हो गई हैं। बहरीन ने अपने नागरिकों को संभावित गोलाबारी से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी जारी की है।

वहीं, लाल सागर में भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। हाल ही में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया, जिससे वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।

शांति की तलाश में जुटे इराकी प्रधानमंत्री

क्षेत्र में गहराते संकट के बीच इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने शांति की पहल तेज कर दी है। गुरुवार को अल-जैदी तेहरान पहुंचे, जहां उन्होंने ईरानी नेतृत्व से बातचीत कर तनाव कम करने की अपील की। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अल-जैदी ने वादा किया है कि वे इराकी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किसी भी हमले के लिए नहीं होने देंगे।

गौरतलब है कि अल-जैदी के संबंध वाशिंगटन और तेहरान, दोनों से बेहतर माने जाते हैं और उन्होंने इस महीने की शुरुआत में डोनाल्ड ट्रंप से भी मुलाकात की थी।

सपा नेता सिनोद शाक्य को BJP ने बनाया प्रदेश कार्यसमिति का सदस्य, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही लिस्ट

Hotel Room Safety: होटल में चेक-इन करते ही करें ये 10 जरूरी काम, सुरक्षा में न करें लापरवाही

गुवाहाटी के होटल में अंधाधुंध फायरिंग, गोलीबारी में 6 लोगों की मौत; सामने आया खौफनाक VIDEO

SIR पर विपक्ष के प्रदर्शन के जवाब में सड़क पर उतरेंगे केंद्रीय मंत्री! क्या है BJP का प्लान?

SIR के तीनों आदेश सर्वसम्मति से लिए गए, चुनाव आयोग का सुप्रीम कोर्ट में जवाब