Iran Crude Oil Tanker Ping Shun India China: एक ईरानी कच्चे तेल का जहाज, जिसका नाम 'पिंग शुन' है, अचानक अपना रास्ता बदलकर चीन की दिशा में मुड़ गया है। यह जहाज पहले भारत के गुजरात स्थित वाडिनार बंदरगाह पहुंचने वाल था, लेकिन अब यह भारत के बजाय चीन की ओर बढ़ रहा है। इस घटनाक्रम की पुष्टि वैश्विक व्यापार डेटा एजेंसी केप्लर ने की है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बदलाव का कारण ईरान द्वारा पेमेंट शर्तों में किए गए बदलाव हैं। पहले ईरानी तेल विक्रेता 30 से 60 दिनों की क्रेडिट विंडो प्रदान कर रहे थे, लेकिन अब विक्रेताओं ने शर्तें सख्त करते हुए पूर्व भुगतान की मांग की है। केप्लर के सुमित रितोलिया ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह बदलाव ईरान युद्ध की वजह से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण हुआ है।
रितोलिया ने बताया कि, "यह बदलाव मुख्य रूप से वित्तीय शर्तों से जुड़ा हुआ है, जिसमें विक्रेता ने पहले की तुलना में भुगतान के तरीके को सख्त किया है। हालांकि, सफर के बीच में मंजिल बदलना कोई नई बात नहीं है, लेकिन इसने यह उजागर किया है कि व्यापार की प्रवृत्तियां अब वित्तीय शर्तों और काउंटरपार्टी जोखिम के प्रति अधिक संवेदनशील होती जा रही हैं।"
हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि किस भारतीय रिफाइनरी ने इस कच्चे तेल की खेप को खरीदा था। लेकिन भारतीय रिफाइनरी कंपनियों जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, नायरा एनर्जी, और भारत पेट्रोलियम के बारे में कहा जा रहा है कि वे वाडिनार बंदरगाह के जरिए ईरानी कच्चा तेल आयात करती हैं।
इस घटनाक्रम ने यह भी दिखाया है कि वैश्विक व्यापार अब राजनीतिक और वित्तीय बदलावों से अधिक प्रभावित हो रहा है। ईरान जैसे देशों से तेल आयात करने की शर्तें अब पहले से कहीं अधिक संवेदनशील हो चुकी हैं, जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को प्रभावित कर सकती हैं।
यह भी पढ़ें- Iran ने मार गिराया अमेरिका का सबसे घातक विमान, देसी एयर-डिफेंस सिस्टम से F-35 के उड़ाए परखच्चे, देखें VIDEO
पिंग शुन के इस मार्ग बदलने से यह भी स्पष्ट होता है कि वैश्विक तेल व्यापार अब केवल आपूर्ति और मांग पर निर्भर नहीं रह गया है, बल्कि इसमें राजनीतिक और वित्तीय दबावों का भी अहम योगदान हो गया है।