अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

सिर्फ ट्रंप की शर्तों पर थमेगी जंग, अमेरिका की ईरान को आखिरी चेतावनी; पेंटागन ने दिए ग्राउंड ऑपरेशन के संकेत

US Iran War: अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी है कि ईरान युद्ध केवल राष्ट्रपति ट्रंप की शर्तों पर समाप्त होगा। उन्होंने आने वाले दिनों को निर्णायक बताते हुए जमीनी हमले के संकेत भी दिए हैं।

अमन उपाध्याय

Iran War Pentagon Ground Operation: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान को लेकर अब तक का सबसे सख्त रुख अख्तियार किया है। पेंटागन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान के साथ जारी यह संघर्ष केवल और केवल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शर्तों पर ही समाप्त होगा। रक्षा सचिव ने आने वाले दिनों को युद्ध के लिहाज से 'निर्णायक' करार दिया है।

ट्रंप की शर्तें

रक्षा सचिव हेगसेथ ने बताया कि ईरान के खिलाफ जारी 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत अमेरिका बातचीत के लिए भी तैयार है लेकिन यह बातचीत तभी सफल होगी जब ईरान ट्रंप की शर्तों को स्वीकार करेगा। उन्होंने दो टूक कहा कि हम तब तक बमों के जरिए बातचीत जारी रखेंगे जब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो जाता। यदि कूटनीति विफल रहती है तो अमेरिका अगले चार से आठ हफ्तों तक इस सैन्य अभियान को और भी भीषण स्तर पर ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

अमेरिका की रणनीति

इस ब्रीफिंग में सबसे चौंकाने वाली बात ईरान में जमीनी सेना भेजने की संभावना को लेकर रही। हेगसेथ ने कहा कि यद्यपि अमेरिका सीधे तौर पर सेना जमीन पर उतारना नहीं चाहता लेकिन 'अप्रत्याशित बने रहना' ही उनकी सफलता की कुंजी है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि ग्राउंड ऑपरेशन का फैसला लिया भी जाता है तो इसकी जानकारी किसी को पहले से नहीं दी जाएगी जिससे ईरान संभलने का मौका न पा सके।

ईरानी नौसेना और रक्षा ढांचे की तबाही

ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने युद्ध के मैदान से ताजा आंकड़े साझा करते हुए बताया कि अमेरिकी सेना ईरान की सैन्य ताकत को जड़ से खत्म कर रही है। केन के अनुसार, अब तक ईरान की नौसेना के 150 से अधिक जहाजों को नष्ट किया जा चुका है जिसमें जमरान क्लास के सभी प्रमुख फ्रिगेट्स शामिल हैं।

इसके अलावा, ईरान के रक्षा औद्योगिक आधार, परमाणु हथियार अनुसंधान प्रयोगशालाओं और रसद गोदामों को भी बड़े पैमाने पर निशाना बनाया जा रहा है ताकि वह अपनी युद्ध क्षमता को दोबारा खड़ा न कर सके।

सहयोगियों को ट्रंप की फटकार

इस बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन देशों को कड़ी चेतावनी दी है जो होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के कारण ईंधन की किल्लत का सामना कर रहे हैं। विशेष रूप से ब्रिटेन पर निशाना साधते हुए ट्रंप ने कहा कि जिन देशों ने इस अभियान में अमेरिका का साथ नहीं दिया वे अब अमेरिका से तेल खरीदें या फिर खुद साहस जुटाकर होर्मुज पर कब्जा कर लें। ट्रंप ने कड़े शब्दों में कहा कि मुश्किल काम हमने कर दिया है अब आपको अपने लिए खुद लड़ना सीखना होगा।

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