अमेरिका-ईरान में बढ़ता तनाव, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

ईरान-अमेरिका युद्ध का काउंटडाउन? तेहरान ने तैयार किया 'विनाशकारी' प्लान, 40 हजार अमेरिकी सैनिक निशाने पर

Iran US Tension: अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने जवाबी कार्रवाई का पूरा खाका तैयार कर लिया है। तेहरान की रणनीति युद्ध शुरू होते ही मध्य पूर्व में अमेरिकी तंत्र को पस्त करने की है।

अमन उपाध्याय

Iran War Plan Against America: तेहरान और वाशिंगटन के बीच युद्ध की सुगबुगाहट मध्य पूर्व में तनाव एक खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी धमकियों के बीच ईरान ने वाशिंगटन से लोहा लेने के लिए अपनी रणनीतिक तैयारी पूरी कर ली है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिका ने ईरान पर हमले की पूरी तैयारी कर ली है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हरी झंडी मिलते ही यह सैन्य कार्रवाई शुरू हो सकती है।

इसके जवाब में तेहरान ने एक ऐसी योजना बनाई है जिसका उद्देश्य युद्ध की शुरुआत में ही अमेरिका को इतनी गहरी चोट देना है कि पूरे क्षेत्र में 'भगदड़' जैसी स्थिति पैदा हो जाए।

क्या है ईरान का मास्टर प्लान?

ईरान ने अपनी सुरक्षा और संभावित जवाबी कार्रवाई को ध्यान में रखते हुए कई अहम मोर्चों पर कड़ा पहरा और रणनीतिक तैयारी कर ली है, जिनमें शामिल हैं।

गवर्नरों की शक्तियों में वृद्धि

आंतरिक मोर्चे पर, ईरान ने सभी गवर्नरों के अधिकारों को बढ़ा दिया है। युद्ध की स्थिति में वे अपने विवेक से आपूर्ति और संसाधनों पर निर्णय ले सकेंगे, ताकि देश में 'त्राहिमाम' की स्थिति न बने और वे अमेरिका को लंबे समय तक जंग में उलझाए रख सकें।

होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी:

ईरान ने पानी के भीतर मिसाइलों और बारूद का जखीरा तैनात किया है। तेहरान की योजना युद्ध शुरू होते ही होर्मुज को बंद करने की है, जिससे एशिया और मिडिल ईस्ट में ऊर्जा का भीषण संकट खड़ा हो जाएगा।

अमेरिकी सैनिकों की 'हिटलिस्ट'

ईरान ने लगभग 40,000 अमेरिकी सैनिकों को अपनी हिटलिस्ट में रखा है। उनका लक्ष्य इन सैनिकों को मारकर अमेरिका के सैन्य तंत्र को ध्वस्त करना है। ईरान का मानना है कि यहां अमेरिकी हताहतों की संख्या अफगानिस्तान (7,000) से कहीं अधिक होगी।

प्रॉक्सी वार की तैयारी

ईरान यमन के हूती विद्रोहियों, लेबनान के हिजबुल्लाह और इराक के कताइब जैसे समूहों के जरिए लाल सागर और अन्य क्षेत्रों में अमेरिकी हितों को निशाना बनाएगा।

नेतृत्व की सुरक्षा

सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को सुरक्षित स्थान पर छिपा दिया गया है। वर्तमान में उनका कामकाज उनका छोटा बेटा देख रहा है, ताकि तख्तापलट की किसी भी कोशिश को नाकाम किया जा सके।

क्या है ईरान की सैन्य ताकत?

ग्लोबल फायर पावर के अनुसार, सैन्य ताकत के मामले में ईरान दुनिया में 16वें स्थान पर है। ईरान की सेना में 6 लाख 10 हजार सक्रिय जवान हैं और 3 लाख से अधिक रिजर्व सैनिक हैं। इसके अलावा, 1.5 लाख जवानों वाली 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' सीधे सुप्रीम लीडर की सत्ता की रक्षा करती है। हवाई और समुद्री ताकत की बात करें तो ईरान के पास 188 लड़ाकू विमान, 129 हेलिकॉप्टर और 1500 से ज्यादा मल्टीपल लॉन्च रॉकेट प्रोजेक्टर हैं। पनडुब्बी बेड़े के मामले में भी ईरान की स्थिति काफी मजबूत मानी जाती है।

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