ईरान ने ग्रीनलैंड की सुरक्षा की पेशकश की (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

अमेरिका को बर्फ में डुबोकर मारने की तैयारी में ईरान! ट्रंप के इस दुश्मन को दिया खास ऑफर, अब मचेगी महा-तबाही

US-Iran War: ईरान ने ग्रीनलैंड की सुरक्षा के लिए मदद देने का प्रस्ताव दिया, ट्रंप के धमकी के जवाब में। यह बयान अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच बढ़ते तनाव और असहमति को दर्शाता है।

अक्षय साहू

Iran Offers Protection Of Greenland: ईरान ने इजरायल और अमेरिका के साथ चल रहे युद्ध को अब यूरोप तक पहुंचा दिया है। ईरान का हालिया बयान यह था कि वह ग्रीनलैंड की सुरक्षा करने के लिए तैयार है। ईरान के प्रवक्ता ने कहा कि यदि यूरोपीय संघ ग्रीनलैंड की सुरक्षा नहीं कर सकता, तो वह ईरान से मदद मांग सकता है। 

यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर अपनी पुरानी योजना फिर से सामने रखी है। ट्रंप ने यूरोपीय देशों को धमकी दी कि अगर वे मदद नहीं करते, तो अमेरिका ग्रीनलैंड पर कब्जा कर सकता है। ईरान का बयान ट्रंप और उनके सहयोगियों के बीच फूट डालने का प्रयास प्रतीत होता है।

मिडिल ईस्ट में संघर्ष की 23वां दिन

ईरान के इस बयान का संबंध मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से है। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष अब 23वें दिन में प्रवेश कर गया है। ईरान का कहना है कि इजरायल और अमेरिका ने उस पर हमले किए हैं, और उसने जवाबी कार्रवाई की है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि ईरान ने तेल के व्यापार के लिए महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की कोशिश की। यह क्षेत्र वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, और ईरान का यह कदम दुनिया भर में चिंता का कारण बना है।

ग्रीनलैंड पर किरकिर करा चुके ट्रंप

ग्रीनलैंड पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पुरानी इच्छा पहले भी सामने आ चुकी थी। उन्होंने कहा था कि ग्रीनलैंड अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी है, और इसे लेकर तुरंत बातचीत की जानी चाहिए। हालांकि, डेनमार्क और ग्रीनलैंड दोनों ने इस प्रस्ताव को साफ तौर पर ठुकरा दिया है। ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि उनकी संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं होगा।

ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो वह यूरोपीय देशों पर 10 से 25 प्रतिशत तक टैरिफ लगा सकते हैं, लेकिन उन्होंने बल प्रयोग से इनकार किया। इस विवाद के कारण NATO देशों के बीच तनाव बढ़ गया है, और फिलहाल ग्रीनलैंड पर कोई ठोस समझौता नहीं हो पाया है। इसके अलावा सहयोगी देशों के विरोध के चलते ट्रंप को पूरी दुनिया के सामने शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा था।

मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफे की मांग तेज, सीजेपी ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम

चापलूसी का शौक है तो मोदी के चपरासी बन जाओ, ज्ञानेश कुमार पर भड़के अभिजीत दीपके

M3M Hurun Rich List 2026: भारत के टॉप 10 अमीर कारोबारी, जानें किसकी कितनी संपत्ति

ग्लोबल हेल्थ मीटिंग में भारत ने छोड़ी छाप, प्राइमरी से लेकर टर्शियरी केयर तक का मॉडल दुनिया को दिखाया

Women Helplines: महिला सुरक्षा के लिए सरकार की 10 सुविधाएं, हेल्पलाइन से कानूनी मदद तक; जानें कहां मिलेगी मदद