सांकेतिक तस्वाीर (Image- Social Media) 
विदेश

ईरान के एक कदम से पूरी दुनिया में मचा हड़कंप, बंद की अमेरिका से बातचीत, अब सीधे युद्ध के मैदान में होगा फैसला?

Iran US talks suspended: लेबनान पर इजरायली हमलों के विरोध में ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत रोकी। शर्तों के पूरे होने तक कूटनीतिक वार्ता पर लगी रोक, कच्चे तेल की कीमतों में 5% का बड़ा उछाल।

अर्पित शुक्ला

Iran stops diplomacy with US: ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत रोकने की घोषणा की है। लेबनान पर इजरायल के लगातार हमलों को देखते हुए ईरान ने यह फैसला लिया है। ईरान अब मध्यस्थों के माध्यम से अमेरिका को कोई संदेश नहीं भेजेगा। लेबनान और गाजा से जुड़ी उसकी शर्तें पूरी होने तक वह कूटनीतिक वार्ता दोबारा शुरू नहीं करेगा।

ईरान का कहना है कि इजरायल लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है। न्यूज एजेंसी तसनीम की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान लेबनान में इजरायल द्वारा किए जा रहे लगातार हमलों और अपराधों पर नजर रखे हुए है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इजरायल ने लेबनान समेत सभी मोर्चों पर समझौते का उल्लंघन किया है। इसी वजह से ईरानी वार्ताकार दल ने मध्यस्थों के जरिए जारी बातचीत को फिलहाल रोक दिया है।

तेल की कीमतों में भारी उछाल

इसे अमेरिका-ईरान के बीच बेहद संवेदनशील सीजफायर प्रयासों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इसके साथ ही दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जल्द खुलने की उम्मीदों को भी विराम लग गया है। तसनीम की रिपोर्ट सामने आने के बाद तेल की कीमतों में 5 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी देखी गई है।

लेबनान पर हमले रोकने की मांग

ईरान का लंबे समय से कहना रहा है कि सीजफायर केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि उसके सहयोगियों की गतिविधियों पर भी लागू होना चाहिए। तसनीम के अनुसार, जब तक लेबनान और गाजा में इजरायली सैन्य अभियानों को रोकने की ईरानी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक कोई नई कूटनीतिक बातचीत नहीं होगी।

सीजफायर वार्ता को लेकर आईआरजीसी अब अधिक सक्रिय भूमिका में दिखाई दे रही है। तसनीम ने संकेत दिया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ईरान की सुरक्षा और कूटनीतिक रणनीति में प्रमुख भूमिका निभाने लगा है।

अमेरिका और ईरान के बीच जारी हैं जवाबी हमले

इसके साथ ही ट्रंप के उस दावे पर भी सवाल खड़े हो गए हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि हमलों के बावजूद ईरान अमेरिका से समझौता करना चाहता है। अमेरिकी सेना का कहना है कि एक अमेरिकी ड्रोन गिराए जाने के बाद उसने ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। वहीं, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का दावा है कि उन्होंने जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिका द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले एक एयरबेस पर हमला किया।

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