

UNSC Calls Emergency Meeting Over Lebanon Conflict: सोमवार को लेबनान में बढ़ते तनाव के बीच क्षेत्रीय शांति बनाए रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने तत्काल एक आपात बैठक बुलाई है। यह बैठक फ्रांस के अनुरोध के बाद बुलाई गई।
बता दें कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दक्षिण लेबनान में सेना की बढ़ती संख्या किसी भी तरह से उचित नहीं है। उन्होंने लड़ाई को तुरंत रोकने की अपील की। राष्ट्रपति मैक्रों से पहले फ्रांस के विदेश मंत्री जीन नोएल बारो ने भी यूएनएससी से बातचीक करने की बात कही थी। बारो ने ब्यूफोर्ट किले पर इजरायली कब्जे पर चिंता भी व्यक्त की थी।
बीएफएमटीवी चैनल से बातचीत के दौरान बारो ने कहा कि मैंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने का अनुरोध किया है। इजरायल को आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है लेकिन लेबनान में इजरायली सैनिकों के लगातार हमले और लेबनानी क्षेत्र पर उसके बढ़ते कब्जे को किसी भी तरह उचित नहीं ठहराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। लेबनान में इज़राइल के जमीनी घुसपैठ का कोई औचित्य नहीं है।
बता दें कि अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर 28 फरवरी को किए हवाई हमलों में सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई की हत्या के बाद 2 मार्च को लेबनान मध्य पूर्व युद्ध में शामिल हो गया था।
इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच 17 अप्रैल को संघर्षविराम शुरू हुआ था, लेकिन यह अभी भी पूरी तरह से लागू नहीं हुआ है। दोनों पक्ष प्रत्येक दिन एक-दूसरे पर संघर्षविराम तोड़ने का आरोप लगाते हैं और अपने-अपने हमलों को दूसरे की गलती का जवाब बताते है।
हाल ही में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि वह लेबनान में अब सैन्य कार्रवाई तेज करेंगे, और रविवार की कार्रवाई को उन्होंने अभियान में “बड़ा बदलाव” बताया। तो वहीं, सोमवार को नेतन्याहू और इजराइल काट्ज ने आईडीएफ को बेरूत के दक्षिणी उपनगर दहियेह स्थित हिज्बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाने का आदेश दिया। इजरायली पीएम के अनुसार हिज्बुल्लाह बार-बार सीजफायर नियमों का उल्लंघन कर रहा है और लगातार इजरायली शहरों को निशाना बना रहा है।