अयातुल्ला अली खामेनेई अंतिम संस्कार (सोर्स-AI जनरेटेड) 
विदेश

Khamenei Funeral: ईरान में खामेनेई के जनाजे पर कड़ी सुरक्षा, सेना हाई अलर्ट पर... क्या मुज्तबा देंगे मिट्टी?

Khamenei Funeral News: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए सेना ने युद्ध जैसी तैयारी की है। 8 जुलाई को मशहद शहर में 2 करोड़ लोगों के शामिल होने की पूरी उम्मीद है।

प्रिया सिंह

Iran Khamenei Funeral Update: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम जनाजे की तैयारियां अब अपने बिल्कुल अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। ईरान की सेना ने इस बड़े कार्यक्रम को लेकर 4 जुलाई से 9 जुलाई तक तीनों सेनाओं को फुल अलर्ट पर रहने का सख्त आदेश जारी कर दिया है। इस अंतिम विदाई में पूरे देश और दुनिया से लगभग 2 करोड़ से ज्यादा लोगों के शामिल होने की पूरी तरह से उम्मीद जताई जा रही है। इस दौरान सुरक्षा के इतने कड़े और भारी इंतजाम किए गए हैं कि यह जनाजा किसी बड़े युद्ध की तैयारी जैसा लग रहा है।

अमेरिका के एक बड़े हमले में अपने पिता के मारे जाने के बाद से मुज्तबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से कहीं नहीं दिखे थे। लेकिन अब यह माना जा रहा है कि वह अपने पिता को आखिरी विदाई और मिट्टी देने के लिए जरूर पहुंचेंगे। 8 जुलाई को मशहद शहर में अयातुल्ला खामेनेई को पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ दफनाया जाएगा। सेना देश और विदेश से आने वाले सभी मेहमानों के स्वागत और उनकी सुरक्षा के लिए अपनी पूरी ताकत का इस्तेमाल कर रही है।

हवाई और जमीनी सुरक्षा कड़ी

ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमिनिया ने सुरक्षा के कड़े इंतजामों की घोषणा की है। सेना की अतिरिक्त टुकड़ियों की भारी तैनाती से देश की जमीनी सीमा सुरक्षा बहुत ज्यादा मजबूत हुई है। वायु रक्षा बल देश के आसमान पर लगातार नजर रखेगा और सभी विदेशी उड़ानों का विशेष नियंत्रण करेगा। अंतिम संस्कार को भव्य और सम्मानजनक बनाने के लिए सेना अपनी पूरी ताकत का उपयोग कर रही है।

मेहमानों के लिए 4 कैंप

कार्यक्रम में शामिल होने वाले लाखों मेहमानों की सुविधा के लिए सेना ने कई अहम कदम उठाए हैं। तेहरान और उसके आसपास के इलाकों में लोगों के रहने और खाने के लिए 4 अस्थायी कैंप बनाए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने और आपातकालीन राहत पहुंचाने के लिए सेना की हेलीकॉप्टर यूनिट तैयार रहेगी। भारी ट्रैफिक वाले रास्तों पर रेस्क्यू टीमें लगातार अपनी गश्त करेंगी ताकि कोई परेशानी बिल्कुल न हो।

मेडिकल सुविधाओं की व्यवस्था

सेना के शहरी और मोबाइल अस्पताल युद्ध के समय के अपने पुराने अनुभव का पूरा इस्तेमाल कर रहे हैं। तेहरान के मोसल्ला और अन्य तीर्थयात्रा के रास्तों पर विशेष मेडिकल टीमें पूरी तरह से तैनात की गई हैं। सेना की लॉजिस्टिकल यूनिट परिवहन, कल्याणकारी सेवाओं और रहने की अच्छी व्यवस्था में पूरी मदद करेगी। धार्मिक और तीर्थयात्री केंद्रों पर हर जरूरी सुविधा और स्वास्थ्य सुरक्षा बिल्कुल मुस्तैद रखी जाएगी।

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