ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

'अमेरिकी बेस सिर्फ एक छलावा': खामेनेई ने दी ट्रंप को सीधी चुनौती, होर्मुज पर अब ईरान का होगा नया कानून!

Iran Strait Of Hormuz: ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने होर्मुज पर अमेरिकी वर्चस्व खत्म करने के लिए नए प्रशासनिक ढांचे का ऐलान किया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

अमन उपाध्याय

Iran Strait Of Hormuz New Policy: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर तनाव एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने खुले तौर पर इस समुद्री मार्ग पर 'अमेरिकी शोषण' को जड़ से खत्म करने का संकल्प अब ले लिया है।

ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने एक कड़ा बयान जारी करते हुए घोषणा की है कि तेहरान इस जलमार्ग के संचालन के लिए एक पूरी तरह से नया कानूनी और प्रशासनिक ढांचा पेश करने जा रहा है। यह कदम न केवल रणनीतिक है बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित करने की क्षमता रखता है।

अमेरिका को ठहराया अस्थिरता का जिम्मेदार

ईरानी सुप्रीम लीडर ने क्षेत्रीय अशांति के लिए सीधे तौर पर वाशिंगटन की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। मुजतबा खामेनेई ने अपने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिकी दुश्मन ही इस क्षेत्र में अस्थिरता और तनाव का असली कारण है। उन्होंने दावा किया कि ईरान द्वारा प्रस्तावित यह 'नया प्रबंधन' न केवल खाड़ी देशों के लिए स्थिरता लाएगा बल्कि इससे पूरे क्षेत्र को जबरदस्त आर्थिक लाभ और लंबे समय तक सुरक्षा भी प्राप्त होगी। खामेनेई ने पड़ोसी देशों को संदेश देते हुए कहा कि ईरान और खाड़ी देश एक दूसरे से जुड़े हैं जिसे बाहरी हस्तक्षेप से मुक्त रखना अनिवार्य है।

अमेरिकी अड्डों पर प्रहार

ईरान ने अमेरिका की सैन्य शक्ति को चुनौती देते हुए क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को काल्पनिक करार दिया है। खामेनेई ने कड़े लहजे में चेतावनी दी कि विदेशी ताकतें जो बुराई करती हैं, उनके लिए इस गलियारे में कोई स्थान नहीं होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि विदेशी सैन्य उपस्थिति अब इस क्षेत्र के भविष्य को तय नहीं करेगी। उनके अनुसार, अमेरिका के ये सैन्य ठिकाने सहयोगी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस क्षेत्र का भविष्य पूरी तरह से अमेरिकी उपस्थिति से मुक्त होगा और केवल यहां के लोगों के कल्याण के लिए काम करेगा।

अमेरिका की नाकेबंदी

यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब 13 अप्रैल को अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक बड़ी नौसैनिक नाकेबंदी शुरू की है। इस नाकेबंदी के तहत उन जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है जिनका संबंध ईरानी बंदरगाहों से है। अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान पर इतना आर्थिक दबाव बनाना है कि वह उसकी शर्तों को मानने पर मजबूर हो जाए।

चूंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया की तेल आपूर्ति का एक बहुत बड़ा हिस्सा गुजरता है इसलिए यह मार्ग हमेशा से ही वाशिंगटन और तेहरान के बीच युद्ध का मैदान रहा है। ईरान का यह नया प्रशासनिक दांव इसी अमेरिकी दबाव की काट के रूप में देखा जा रहा है।

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