अमेरिकी ने दावा कि ईरान शांति वार्ता के लिए तैयार है (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

शांति वार्ता के लिए तैयार हुआ Iran! अमेरिकी मिडिया का दावा, आज इस्लामाबाद पहुंचेगा ईरानी डेलिगेशन

US-Iran Peace Talks:अमेरिका-ईरान शांति वार्ता पर सस्पेंस गहराया गया है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने दावा किया है कि ईरान बातचीत के लिए तैयार, लेकिन उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की मौजूदगी की रखी बड़ी शर्त।

अक्षय साहू

Iran Ready to Join Islamabad Talks With US: अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में होने वाली दूसरे दौर की शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। एक तरह अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल आज पाकिस्तान पहुंच जाएगा। वहीं ईरान ने इसमें शामिल नहीं होने का ऐलान किया है। इसी बीच अमेरिकी मीडिया आउटलेट द न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि ईरान वार्ता के लिए तैयार हो गया है। 

द न्यूयॉर्क टाइम्स ने रिपोर्ट में कहा कि, ईरान (Iran) अमेरिका के साथ संभावित शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद में एक प्रतिनिधिमंडल भेजने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, ईरान ने स्पष्ट किया है कि उसके संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबफ तभी इस वार्ता में शामिल होंगे, जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी मौजूद रहेंगे। यह शर्त दिखाती है कि दोनों देश बातचीत को लेकर गंभीर तो हैं, लेकिन पहले एक-दूसरे की प्रतिबद्धता देखना चाहते हैं।

सोमवार को पूरे दिन रहा सस्पेंस

सोमवार को दिनभर मिले-जुले संकेतों के बाद, देर रात दोनों पक्षों की ओर से यह संकेत मिला कि इस सप्ताह पाकिस्तान में वार्ता के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजा जा सकता है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, जेडी वेंस के वॉशिंगटन से इस्लामाबाद के लिए रवाना होने की संभावना है। वहीं, ईरानी सूत्रों का कहना है कि गालिबाफ इस वार्ता का नेतृत्व कर सकते हैं। इस बीच, कुछ अमेरिकी अधिकारी पहले ही इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ भी बातचीत की तैयारी के सिलसिले में वहां मौजूद हो सकते हैं। रविवार से सोमवार के बीच कई विमान इस्लामाबाद पहुंचने की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे इस संभावित वार्ता की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा रहा है।

वार्ता के लिए कैसा माना ईरान?

शुरुआत में ईरान (Iran) की ओर से स्पष्ट सहमति नहीं मिलने के कारण वार्ता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप लगातार यह संकेत देते रहे कि बातचीत तय है और जल्द होगी। उन्होंने PBS News को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि अगर युद्धविराम समाप्त होता है, तो स्थिति और ज्यादा गंभीर हो सकती है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका की प्रमुख मांग यही है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की अपनी महत्वाकांक्षा को छोड़ दे।

किले में तब्दील हुआ इस्लामाबाद

अब तक न तो ईरान (Iran) और न ही अमेरिका ने आधिकारिक रूप से इस वार्ता की पुष्टि की है। इसके बावजूद, पाकिस्तान ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए एयरपोर्ट और प्रमुख होटलों के आसपास के क्षेत्रों को रेड जोन में बदल दिया है। इससे संकेत मिलता है कि भले ही औपचारिक घोषणा न हुई हो, लेकिन दोनों देशों के प्रतिनिधि किसी भी समय वार्ता के लिए पहुंच सकते हैं।

दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका ने अपनी पहले की लंबी शर्तों की सूची को सीमित करते हुए अब केवल एक मुख्य शर्त ईरान का परमाणु हथियार कार्यक्रम छोड़ना पर जोर दिया है। माना जा रहा है कि इसी बदलाव के बाद ईरान ने बातचीत के लिए नरम रुख अपनाया है।

जलगांव में आरएसएस के पथसंचलन के दौरान पथराव और विरोध-प्रदर्शन, पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज

...असहाय दर्शक बनकर नहीं रह सकते, मिडिल ईस्ट संकट को लेकर एस जयशंकर का बयान; संवाद और कूटनीति को जरूरी बताया

UP चुनाव से पहले कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, लखनऊ में 200 सीट हक है हमारा के पोस्टर; अखिलेश की बढ़ेगी टेंशन?

कांग्रेस ने ECI के विरोध में रैली के बीच सांसदों को भेजा पत्र, 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक दिल्ली में रहने को कहा

ऑपरेशन सिंदूर में भारत का महाप्रहार! एयर चीफ का बड़ा बयान, बोले- कोई टारगेट IAF पहुंच से बाहर नहीं