ईरान विरोध प्रदर्शन, सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई, ईरान के पुलिस प्रमुख अहमद-रेजा रादान (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

ईरान में प्रदर्शनकारियों को अल्टीमेटम… सरेंडर करने के लिए 3 दिन की मोहलत और आर्थिक सुधार का वादा

Iran Police Ultimatum: ईरान सरकार ने प्रदर्शनकारियों को तीन दिन में आत्मसमर्पण का अल्टीमेटम दिया है। आर्थिक संकट के बीच देशभर से अब तक हजारों लोगों की मौत की खबरें सामने आ रही हैं।

प्रिया सिंह

Iran Protest Human Rights Violations: ईरान में पिछले साल दिसंबर के अंत से शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों ने शासन की नींव हिलाकर रख दी है। इस संकट के बीच ईरानी पुलिस प्रमुख ने प्रदर्शनकारियों को आत्मसमर्पण के लिए केवल तीन दिन का समय दिया है। यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से गिरती मुद्रा और महंगाई जैसी गंभीर आर्थिक कठिनाइयों के कारण भड़के थे। ईरान में मानवाधिकारों के उल्लंघन के कारण इस माहौल में अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें भी ईरान पर टिकी हुई हैं।

पुलिस का सख्त अल्टीमेटम

ईरान के पुलिस प्रमुख अहमद-रेजा रादान ने उन लोगों को सख्त चेतावनी दी है जिन्हें सरकार 'दंगाई' बता रही है। उन्होंने कहा है कि जो लोग अनजाने में इन दंगों में शामिल हुए हैं वे तीन दिन के भीतर सरेंडर कर दें। सरेंडर करने वाले युवाओं के साथ शासन नरमी बरतने और उन्हें कम सजा देने का विचार कर सकता है।

आर्थिक संकट और प्रदर्शन

ईरान में प्रदर्शनों की मुख्य वजह देश की गिरती आर्थिक स्थिति और बेतहाशा बढ़ती महंगाई को माना जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार इन समस्याओं को हल करने में पूरी तरह से विफल रही है। सरकार ने अब वादा किया है कि वह जनता की जीविका से जुड़ी समस्याओं के लिए दिन-रात काम करेगी।

इंटरनेट पर पाबंदी का असर

प्रदर्शनों को दबाने के लिए ईरानी अधिकारियों ने पिछले 11 दिनों से देशभर में इंटरनेट सेवा को पूरी तरह बंद कर रखा है। इस कारण दुनिया को ईरान के भीतर हो रही हिंसा की सटीक जानकारी मिलने में भारी परेशानी हो रही है। अंतरराष्ट्रीय फोन कॉल्स पर भी पाबंदी लगा दी गई है ताकि जमीनी खबरों को फैलने से रोका जा सके।

मौत की सजा और मानवाधिकार

संयुक्त राष्ट्र और कई मानवाधिकार संगठनों ने ईरान में फांसी की बढ़ती संख्या को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। रिपोर्टों के अनुसार पिछले साल ईरान में कथित तौर पर 1,500 लोगों को फांसी दी गई जो बहुत डरावना आंकड़ा है। शासन अब प्रदर्शनकारियों के खिलाफ फांसी को एक धमकी के हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है।

मौतों और गिरफ्तारियों का आंकड़ा

ईरान ह्यूमन राइट्स नामक संस्था के अनुसार अब तक 3,428 प्रदर्शनकारियों की मौत सुरक्षाबलों की कार्रवाई में हो चुकी है। अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर लगभग 3,000 लोगों को गिरफ्तार करने की बात स्वीकार की है जो काफी चिंताजनक है। हालांकि मानवाधिकार समूहों का दावा है कि वास्तव में गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या 20,000 तक हो सकती है।

विदेशी साजिश के आरोप

ईरान की सरकार ने इन प्रदर्शनों के पीछे अपने कट्टर विरोधियों जैसे अमेरिका और इजरायल का हाथ होने का दावा किया है। उनका मानना है कि बाहरी शक्तियां देश को अस्थिर करने के लिए युवाओं को भ्रमित कर हिंसा भड़का रही हैं। सरकार का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को जानबूझकर अराजकता और आतंकी घटनाओं में बदल दिया गया है।

सुप्रीम लीडर का कड़ा रुख

सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उपद्रवियों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा है कि शासन को चुनौती देने वालों की कमर तोड़ देनी चाहिए ताकि फिर कोई सिर न उठा सके। इस बयान के बाद सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई और भी ज्यादा तेज कर दी है।

प्रशासन का भावी संकल्प

ईरान की कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका के प्रमुखों ने एक संयुक्त बयान जारी कर देश में शांति बहाली की अपील की है। उन्होंने संकल्प लिया है कि वे देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कुछ ठोस कदम उठाएंगे। सरकार का दावा है कि स्थिति अब धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रही है और इंटरनेट बहाल किया जाएगा।

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