इजरायल ने आज ईरान पर जोरदार हमले किए, जिसमें उसने ईरानी सैन्य ठिकानों और परमाणु स्थलों को निशाना बनाया। इस हमले के बाद मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है। विभिन्न देशों ने इस घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिसमें पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार ने इजरायल की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है।
डार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि इजरायल ने ईरान की संप्रभुता का स्पष्ट उल्लंघन किया है। उन्होंने इस हमले को "घृणित" बताते हुए कहा कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवता के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने चिंता जताई कि इससे क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा को गंभीर नुकसान पहुंचा है। पाकिस्तान ने ईरानी सरकार और उसके लोगों के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने ईरान में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक 24/7 संकट प्रबंधन इकाई (CMU) सक्रिय की है। विदेश मंत्रालय ने तेहरान स्थित पाकिस्तानी दूतावास को भी निर्देश दिया है कि वह पाकिस्तानी समुदाय के सदस्यों और जैरीन (तीर्थयात्रियों) को हर संभव सहायता प्रदान करे। इसके अलावा, एक हॉटलाइन नंबर (0098)-2166941388 जारी किया गया है, ताकि जरूरतमंद पाकिस्तानी नागरिक किसी भी समय दूतावास से संपर्क कर सकें।
वहीं, भारत ने भी शुक्रवार को ईरान और इजरायल के बीच हाल में हुए घटनाक्रमों पर गहरी चिंता जताई है। सरकार ने कहा कि वह स्थिति की सावधानीपूर्वक निगरानी कर रही है। भारत ने दोनों देशों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी कार्य से बचें, जिससे तनाव और बढ़े। विदेश मंत्रालय ने इस क्षेत्र में रह रहे भारतीय नागरिकों को भी सतर्क रहने, अपनी सुरक्षा का ध्यान रखने और स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
विदेश मंत्रालय ने ईरान-इजरायल तनाव पर चिंता जताते हुए एक बयान जारी किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल ने ईरान के परमाणु संवर्धन केंद्रों सहित कई स्थानों पर हमले किए हैं, जिसकी पुष्टि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने भी की है। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "हम ईरान और इजरायल के बीच हाल में हुए घटनाक्रमों को लेकर गंभीर रूप से चिंतित हैं।"
इस पूरे घटनाक्रम पर जानकारी देते हुए एक इजरायली अधिकारी ने दावा किया कि ईरान चुपचाप परमाणु हथियार तैयार कर रहा है और उनके पास इतना पदार्थ इकट्ठा किया हुआ है कि चंद दिनों में लगभग 15 परमाणु बम बनाए जा सकते हैं। इसका मुकाबला करने और खतरा टालने के लिए ही यह हमला किया गया।