Khamenei Final Social Media Message: मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग अब एक भयावह मोड़ ले चुकी है जहां मासूम जिंदगियां और वैश्विक स्थिरता दोनों दांव पर लगी हैं। ईरान और इजराइल के बीच जारी इस खूनी संघर्ष में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत ने आग में घी डालने का काम किया है। तेहरान में उनके दफ्तर पर हुए भीषण हमले और उसके बाद सोशल मीडिया पर आई चेतावनी ने दुनिया को दहला दिया है। यह युद्ध अब केवल सीमा तक सीमित नहीं है बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है।
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की खबर के छह दिन बाद उनके आधिकारिक X अकाउंट से एक चौंकाने वाला संदेश जारी किया गया है। इस पोस्ट में सीधे तौर पर इजराइली शासन को चेतावनी देते हुए कहा गया है कि उसने एक बहुत बड़ी गलती कर दी है जिसके नतीजे उन्हें पूरी तरह निराश करेंगे। इस डिजिटल संदेश के साथ एक एआई द्वारा निर्मित विस्तृत तस्वीर भी साझा की गई है जिसमें मिसाइल हमले के विभिन्न चरणों को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाया गया है।
अमेरिकी और इजराइली वायुसेना ने 28 फरवरी को ईरान पर एक बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत की थी जिसमें तेहरान स्थित खामेनेई के दफ्तर को मुख्य रूप से निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेना के दावों के अनुसार इस घातक ऑपरेशन के पहले 24 घंटों के भीतर ही ईरान में लगभग 1000 ठिकानों पर भीषण बमबारी की गई थी जिससे वहां भारी तबाही मची। इस हवाई हमले में सुप्रीम लीडर खामेनेई के साथ उनके कई अन्य वफादार शीर्ष सैन्य अधिकारी भी मलबे में दबकर मारे गए जिनकी बाद में पुष्टि की गई।
खामेनेई के अकाउंट से साझा की गई नवीनतम तस्वीर में एक हाइपरसोनिक मिसाइल को वैज्ञानिकों द्वारा प्रयोगशाला में बनाने से लेकर सैनिकों द्वारा युद्ध के मैदान में लॉन्च करने तक का पूरा दृश्य है। हालांकि इसमें किसी खास हथियार का नाम नहीं लिया गया है लेकिन यह संकेत देता है कि ईरान भविष्य में इजराइल पर एक बड़ा जवाबी हमला करने की गुप्त तैयारी कर चुका है। इजराइल ने इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए अपनी सबसे आधुनिक 'ब्लू स्पैरो' मिसाइल तकनीक का सहारा लिया था जो अभेद्य बंकरों को भेदने में सक्षम है।
1 मार्च को जब ईरान के सरकारी टेलीविजन ने आधिकारिक रूप से खामेनेई की मौत की पुष्टि की तब से पूरा मिडिल ईस्ट एक गहरे और अभूतपूर्व सुरक्षा संकट की चपेट में आ गया है। इस घटना के बाद ईरान ने अपनी आक्रामक रणनीति अपनाते हुए खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइलों और ड्रोनों से पलटवार करना शुरू कर दिया है जिससे व्यापक युद्ध का खतरा बढ़ गया है। सऊदी अरब और उसके शाही परिवार को भी अब इस भीषण ईरानी प्रतिशोध की आंच अपने देश तक पहुंचने का डर सता रहा है जिससे वहां सेना अलर्ट पर है।
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वर्तमान में यह एक बड़ा रहस्य बना हुआ है कि अली खामेनेई का सोशल मीडिया अकाउंट उनकी मृत्यु के बाद कौन संचालित कर रहा है लेकिन इसके संदेशों ने वैश्विक स्तर पर खलबली मचा दी है। दुनिया की महाशक्तियां और संयुक्त राष्ट्र इस तेजी से बिगड़ती स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं क्योंकि यह संघर्ष अब वैश्विक तेल आपूर्ति और शांति के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। इस युद्ध ने ईरान की कथित सैन्य मजबूती के पीछे छिपी तकनीकी कमजोरियों को भी सबके सामने लाकर खड़ा कर दिया है जिससे भविष्य की राह कठिन दिख रही है।