IRGC का शक्ति प्रदर्शन (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

बैलिस्टिक मिसाइल लेकर सड़कों पर उतरी ईरानी फौज...समर्थकों के साथ मिलकर मनाया जश्न, ट्रंप को दिखाई ताकत- VIDEO

US-Iran War: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच रैलियों में मिसाइल शक्ति प्रदर्शन, वार्ता विफल होने से हालात बिगड़े। ट्रंप की चेतावनी के साथ सीजफायर बढ़ा, UN ने संयम और बातचीत की अपील की।

अक्षय साहू

Iran Army Marches With Ballistic Missile Launchers ईरान और अमेरिका के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़ते तनाव के बीच मंगलवार देर रात कट्टरपंथी समर्थकों ने कई जगह रैलियां निकालीं। ये प्रदर्शन उस समय और तेज हो गए जब इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ संभावित दूसरे दौर की वार्ता के विफल होने की खबर सामने आई। ईरान की सरकारी मीडिया और प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कुछ सदस्य एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मोबाइल लॉन्चर पर बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ नजर आए। रिपोर्ट में दावा किया गया कि यह प्रदर्शन शक्ति प्रदर्शन के तौर पर किया गया था।

रैली में दिखा ईरान का सबसे खतरनाक मिसाइल

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कथित तौर पर खोर्रमशहर-4 बैलिस्टिक मिसाइल को भी दिखाया गया, जिसे ईरान की सबसे खतरनाक मिसाइलों में से एक माना जाता है। यह मिसाइल क्लस्टर म्यूनिशन यानी छोटे-छोटे विस्फोटक हथियार छोड़ने में सक्षम बताई जाती है, जिसका उपयोग ईरान ने पहले इजरायल और अन्य मिडिल ईस्ट ठिकानों पर हमलों में किया है। इसके अलावा क़द्र (Qadr) मिसाइल जैसी संरचना भी दिखाई दी, जो भी क्लस्टर वारहेड ले जाने में सक्षम बताई जाती है।

इन प्रदर्शनों और सैन्य गतिविधियों ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे शक्ति प्रदर्शन कूटनीतिक माहौल को और जटिल बना सकते हैं, खासकर तब जब बातचीत की प्रक्रिया पहले से ही ठप पड़ी हो।

डोनाल्ड ट्रंप ने फिर दी धमकी

इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम को लेकर सख्त और आक्रामक रुख अपनाया है। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद नहीं करना चाहता, क्योंकि वह तेल निर्यात से भारी कमाई करता है। ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि स्थिति नियंत्रण से बाहर गई तो गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

हालांकि, उन्होंने सीजफायर को आगे बढ़ाने का भी फैसला लिया है, जिसे उन्होंने पाकिस्तान के नेतृत्व के अनुरोध से जोड़ा है। यह कदम उनकी पिछली सख्त बयानबाजी से थोड़ा अलग माना जा रहा है, जिससे यह संकेत मिला है कि अमेरिका फिलहाल सीधे टकराव से बचना चाहता है।

UN ने की अमेरिका की तारीफ

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे “तनाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर” बताया है। UN ने सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान खोजने की अपील की है। साथ ही पाकिस्तान की मध्यस्थता के प्रयासों की भी सराहना की गई है।

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