ईरान के विदेश मंत्री सेयद अब्बास अराघची (सोर्स- सोशल मीडिया)
विदेश

चीन-इरान की बड़ी बैठक, जिनपिंग के US दौरे से ठीक पहले बीजिंग पहुंच रहे विदेश मंत्री अब्बास अराघची

Iran Foreign Minister China Visit: ईरानी विदेश मंत्री सेयद अब्बास अराघची 16 सितंबर को बीजिंग में अपने चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात करेंगे, जो शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा से ठीक पहले होगी।

प्रिया सिंह

Iran Foreign Minister China Visit Details: ईरान के विदेश मंत्री सेयद अब्बास अराघची 16 सितंबर को बीजिंग पहुंचेंगे, जहां वह अपने चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात करेंगे। यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब 24 सितंबर को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बैठक प्रस्तावित है।

पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और अमेरिका के साथ जारी टकराव के बीच ईरान अपनी डिप्लोमैटिक एक्टिविटीज तेज कर रहा है। अराघची की चीन यात्रा को इसी स्ट्रैटेजिक प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है। बीजिंग में होने वाली बातचीत में द्विपक्षीय संबंधों के साथ क्षेत्रीय और इंटरनेशनल मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।

16 सितंबर को बीजिंग पहुंचेंगे अराघची

चीन के फॉरेन मिनिस्ट्री के मुताबिक, ईरानी विदेश मंत्री सेयद अब्बास अराघची 16 सितंबर को चीन की यात्रा पर जाएंगे। बीजिंग में उनकी मुलाकात चीनी विदेश मंत्री और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सीनियर लीडर वांग यी से होगी।

दोनों लीडर्स के बीच होने वाली बातचीत की टाइमिंग काफी महत्वपूर्ण है। अराघची की चीन यात्रा के कुछ ही दिन बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अमेरिका का दौरा करने वाले हैं। ऐसे में इस मीटिंग को चीन और ईरान के बीच स्ट्रैटेजिक डायलॉग के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

शी जिनपिंग और ट्रंप की 24 सितंबर को मुलाकात

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 24 सितंबर को अमेरिका की यात्रा पर जाएंगे। इस दौरान उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बाइलेट्रल मीटिंग होने वाली है। ट्रंप ने अमेरिकी ट्रैवल सेक्टर के अधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान शी जिनपिंग के 24 सितंबर को अमेरिका आने की जानकारी दी थी। उन्होंने चीनी राष्ट्रपति की यात्रा को महत्वपूर्ण बताते हुए पॉजिटिव नतीजों की उम्मीद जताई थी।

ऐसे समय में अराघची का बीजिंग दौरा पश्चिम एशिया की स्थिति और अमेरिका-ईरान तनाव के बीच खास डिप्लोमैटिक महत्व रखता है। इससे पहले दोनों फॉरेन मिनिस्टर्स जुलाई में किर्गिस्तान में एससीओ फॉरेन मिनिस्टर्स की मीटिंग और नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट के इतर भी मुलाकात कर चुके हैं।

ब्रिक्स समिट में ईरान की एक्टिव पार्टिसिपेशन

अराघची की चीन यात्रा नई दिल्ली में हुए 18वें ब्रिक्स समिट के तुरंत बाद हो रही है। सम्मेलन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने देश के हाई-लेवल डेलिगेशन का नेतृत्व किया था।

सम्मेलन के दौरान पेजेश्कियन ने ब्रिक्स देशों से यूनिलेटरल और अमानवीय सैंक्शंस के खिलाफ ठोस कदम उठाने की अपील की। उन्होंने सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर और शांतिपूर्ण न्यूक्लियर फैसिलिटीज पर हमलों को नॉर्मलाइज करने का विरोध किया और रीजनल सिक्योरिटी पर जोर दिया।

न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन में पश्चिम एशिया पर चिंता

18वें ब्रिक्स समिट में मेंबर देशों ने सर्वसम्मति से न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन 2026 को स्वीकार किया। इसमें पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर चिंता जताई गई और संयम, नागरिकों की सुरक्षा तथा देशों की संप्रभुता के सम्मान की अपील की गई।

घोषणापत्र में इंटरनेशनल लॉ के तहत ग्लोबल ट्रेड, सप्लाई चेन्स और एनर्जी फ्लो को सुचारू बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

पीएम मोदी से मिले थे पेजेश्कियन

ब्रिक्स समिट के दौरान ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की थी। बातचीत में रीजनल सिचुएशन समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री मोदी ने होर्मुज स्ट्रेट में सेफ नेविगेशन की आवश्यकता पर जोर दिया था। ऐसे में अराघची की चीन यात्रा ईरान की रीजनल डिप्लोमेसी और प्रमुख पार्टनर देशों के साथ स्ट्रैटेजिक डायलॉग को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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