ओमान के सलालाह बंदरगाह पर ईरान का ड्रोन हमला (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

ओमान के सलालाह पोर्ट पर ईरान का भीषण ड्रोन हमला, तेल टैंकों को बनाया निशाना, खाड़ी में बढ़ा तनाव

Oman Port Attack: ओमान के सलालाह बंदरगाह पर ईरानी ड्रोन हमले ने तेल स्टोरेज टैंकों को भारी नुकसान पहुंचाया है। अब तक तटस्थ रहे ओमान पर इस हमले से खाड़ी देशों में युद्ध का खतरा और ज्यादा गहरा गया है। 

प्रिया सिंह

Iranian Drone Strike On Salalah Port: आज के अशांत दौर में शांति की उम्मीद करना मुश्किल होता जा रहा है क्योंकि अब युद्ध की आंच तटस्थ देशों तक पहुंचने लगी है। खाड़ी क्षेत्र में जारी भीषण तनाव के बीच ईरान ने ओमान के सलालाह बंदरगाह पर ड्रोन से जोरदार हमला कर सबको चौंका दिया है। इस हमले ने न केवल तेल के बुनियादी ढांचे को चोट पहुंचाई है बल्कि कूटनीतिक कोशिशों को भी बड़ा झटका दिया है। ईरानी ड्रोन के सलालाह बंदरगाह पर इस हमले की इस घटना ने अब पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है।

सलालाह पोर्ट पर मची अफरा-तफरी

ओमान के सबसे बड़े सलालाह बंदरगाह पर बुधवार की रात अचानक ईरानी ड्रोनों ने हमला कर दिया जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। इस हमले का मुख्य उद्देश्य वहां स्थित तेल के विशाल स्टोरेज टैंकों को निशाना बनाना था ताकि ऊर्जा आपूर्ति को बाधित किया जा सके। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार इन धमाकों से तेल टैंकों को काफी नुकसान पहुंचा है जिससे इलाके में भीषण आग और धुआं फैल गया।

हालांकि इस हमले के बीच एक राहत की बात यह रही कि वहां खड़े किसी भी व्यापारिक जहाज को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। ब्रिटेन की सुरक्षा कंपनी एम्ब्रे और अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने भी इस हमले की पुष्टि करते हुए इसे एक बड़ा सैन्य कदम बताया है। ओमान अब तक इस युद्ध में एक तटस्थ देश की भूमिका निभा रहा था लेकिन इस हमले ने अब उसकी स्थिति बदल दी है।

सुल्तान की कड़ी आपत्ति और विरोध

ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल सैद ने अपनी धरती पर हुए इस हमले के तुरंत बाद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से संपर्क किया। सुल्तान ने बहुत ही कड़े शब्दों में इस हमले की निंदा की और अपना विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि ओमान किसी का पक्ष नहीं ले रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ओमान अपनी शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए हर मुमकिन कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।

यह हमला उस वक्त हुआ जब ओमान के सुल्तान ने हाल ही में ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को उनके चयन पर बधाई दी थी। ओमान लंबे समय से अमेरिका और ईरान के बीच एक भरोसेमंद मध्यस्थ के रूप में शांति वार्ता की कोशिशें करता रहा है। लेकिन इस ताजा सैन्य कार्रवाई ने दोनों देशों के बीच चल रही मध्यस्थता की कोशिशों को एक बहुत गहरा और अप्रत्याशित झटका दिया है।

हॉर्मुज के पास बढ़ता बड़ा खतरा

सिर्फ ओमान ही नहीं बल्कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास भी समुद्री व्यापार पर हमलों का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर ने बताया कि इसी दौरान तीन अन्य व्यापारिक जहाजों पर भी अज्ञात वस्तुओं से हमला किया गया है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग पर हो रहे ये हमले वैश्विक व्यापार और सुरक्षा के लिए एक बहुत बड़ी और गंभीर चुनौती बन चुके हैं।

अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई के जवाब में ईरान अब खाड़ी के ऊर्जा ठिकानों और महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों पर अपनी सक्रियता बढ़ा रहा है। ओमान पर हुआ यह हमला इसी सोची-समझी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है ताकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर दबाव बनाया जा सके। अब देखना यह होगा कि तटस्थ देशों पर बढ़ते ये हमले वैश्विक राजनीति को किस नए और खतरनाक मोड़ पर ले जाते हैं।

मेंटल हेल्थ के लिए ट्रेनिंग हब बनेगा बेंगलुरु स्थित NIMHANS, ब्रिक्स बैठक में बनी सहमति

BRICS Summit 2026 LIVE: भारत मंडपम में आज सम्मेलन का दूसरा और आखिरी दिन, ली जाएगी ब्रिक्स फैमिली फोटो

ख्वाब हो तुम या कोई हकीकत... किशोर कुमार के फैन निकले मलेशियाई PM अनवर इब्राहिम, BRICS में गाया बॉलीवुड गीत

आखिर कितनी ताकतवर है UNSC?, BRICS समिट के दौरान पीएम मोदी ने उठाई सुधार की मांग

BRICS Summit 2026: भाजपा ने गिनाए सम्मेलन के फायदे, विपक्ष के सवालों पर नेताओं का करारा जवाब