ईरान में हमले की एक तस्वीर, (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

महायुद्ध का दर्दनाक असर! ईरान में 32 लाख लोग घर छोड़ने को हुए मजबूर, बच्चों समेत दर-दर भटक रहे परिवार

UNHCR Iran Report: ईरान में अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण अब तक 32 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं। UNHCR और ईरानी सरकार ने बच्चों और स्वास्थ्य केंद्रों पर हुए हमलों के डरावने आंकड़े जारी किए हैं।

अमन उपाध्याय

Iran War Casualties News: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच 28 फरवरी से जारी भीषण सैन्य संघर्ष ने ईरान के भीतर एक अभूतपूर्व मानवीय त्रासदी को जन्म दिया है। संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध के कारण अब तक करीब 32 लाख लोग ईरान के भीतर ही विस्थापित होकर अपने घरों को छोड़ने पर मजबूर हुए हैं। यह आंकड़ा देशभर में विस्थापित परिवारों के शुरुआती आकलन पर आधारित है, और एजेंसी ने चेतावनी दी है कि यदि संघर्ष जारी रहा तो यह संख्या और बढ़ सकती है।

बच्चों और महिलाओं पर युद्ध की मार

ईरान सरकार की प्रवक्ता फतेमेह मोहजेरानी ने एक वीडियो इंटरव्यू में युद्ध की बदहाली की दास्तां बयां की है। उनके द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, हमलों में अब तक 216 महिलाएं और 18 साल से कम उम्र के 198 किशोर मारे गए हैं। सबसे हृदयविदारक तथ्य यह है कि 5 साल से कम उम्र के 11 बच्चों ने भी अपनी जान गंवाई है, जिनमें सबसे कम उम्र का शिकार मात्र 8 महीने का एक मासूम बच्चा था। इसके अलावा, घायलों में सबसे छोटा पीड़ित केवल 4 महीने का शिशु है।

स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और मेडिकल वर्कर्स की मौत

युद्ध ने ईरान के चिकित्सा ढांचे को भी बुरी तरह चरमरा दिया है। प्रवक्ता मोहजेरानी के अनुसार, अब तक 21 इमरजेंसी मेडिकल यूनिट्स को भारी नुकसान पहुंचा है जिनमें से 3 यूनिट्स पूरी तरह से तबाह हो गई हैं। चिकित्सा क्षेत्र के लिए एक बड़ी क्षति यह भी है कि अपनी सेवा देते समय अब तक 12 हेल्थकेयर वर्कर्स की मौत हो चुकी है। बुनियादी सेवाओं तक सीमित पहुंच के कारण घायलों के इलाज में भारी बाधा आ रही है।

अफगान शरणार्थियों की बढ़ती मुसीबत

ईरान में रह रहे लाखों शरणार्थी, जिनमें अधिकांश अफगान मूल के हैं इस युद्ध की दोहरी मार झेल रहे हैं। पहले से ही दयनीय स्थिति में रह रहे इन परिवारों के लिए बढ़ती असुरक्षा ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने अंतरराष्ट्रीय नियमों का हवाला देते हुए वकालत की है कि जो लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए बॉर्डर क्रॉस करना चाहते हैं उनके लिए स्थिति अनुकूल की जानी चाहिए और सीमाएं खोल दी जानी चाहिए ताकि वे अपनी जान बचा सकें।

UPI पेमेंट को लेकर नए स्लैब का ऐलान, 5000 पर 20 और 10000 पर कटेंगे 40 रुपए

86 साल बाद किशाऊ बांध परियोजना को मिली हरी झंडी, अमित शाह की मौजूदगी में 6 राज्यों के बीच ऐतिहासिक समझौता

Uttar Pradesh Politics: मंत्री संजय निषाद ने UCC का किया समर्थन, बोले- जब वोट बराबर तो अधिकार भी एक हों

पटना में BPSC और दारोगा भर्ती रद्द करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे छात्र, भारी पुलिस बल तैनात

MDR on UPI: अमेरिकी दबाव में मोदी फिर सरेंडर, UPI पर फीस के नए नोटिफिकेशन पर भड़के राहुल गांधी