थाई जहाज पर हमले से भड़का बैंकॉक; ईरान को दी कड़ी चेतावनी, कहा- 'ऐसी हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी'

Thai Cargo Ship Attack: होर्मुज जलडमरूमध्य में भारत आ रहे थाई कार्गो जहाज पर ईरानी हमले के बाद तनाव चरम पर है। थाईलैंड ने आधिकारिक माफी की मांग की है, जबकि 3 नाविक अब भी लापता हैं।
Bangkok enraged by attack on Thai ship; issued stern warning to Iran, saying, 'Such actions will not be tolerated'
थाई जहाज पर हमले की फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Strait Of Hormuz Ship Attack: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब समुद्री व्यापारिक मार्गों के लिए एक गंभीर खतरा बन गया है। बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य  में एक थाई कार्गो जहाज पर भीषण हमला हुआ है। यह हमला उस समय हुआ जब जहाज भारत की ओर अपनी यात्रा पर था। इस घटना ने न केवल समुद्री सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि ईरान और थाईलैंड के बीच कूटनीतिक दरार भी पैदा कर दी है।

जहाज को बनाया गया सीधा निशाना

थाईलैंड के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कार्गो जहाज को सीधे तौर पर निशाना बनाकर हमला किया गया था। हमले के बाद जहाज में भीषण आग लग गई, जिससे वहां मौजूद क्रू मेंबर्स के बीच अफरातफरी मच गई। जहाज पर कुल 20 चालक दल के सदस्य सवार थे। बचाव दल ने तत्परता दिखाते हुए 17 सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है जिन्हें कोई गंभीर शारीरिक चोट नहीं आई है। हालांकि, 3 नाविक अभी भी लापता हैं और उनके लिए व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

थाईलैंड का कड़ा विरोध और माफी की मांग

इस हमले के विरोध में थाईलैंड सरकार ने बैंकॉक में तैनात ईरानी राजदूत नासेरद्दीन हैदरी को तलब किया। विदेश मंत्रालय की डिप्टी परमानेंट सेक्रेटरी सिरिलक नियॉम ने राजदूत से मुलाकात कर इस घटना के पूरे तथ्य स्पष्ट करने और ईरान की ओर से एक औपचारिक माफी जारी करने की मांग की है। थाई अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसे हमलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जल्द से जल्द इसका न्यायसंगत समाधान आवश्यक है। ईरानी राजदूत ने घटना पर संवेदना व्यक्त की है और आश्वासन दिया है कि थाईलैंड की आपत्तियों को उनके देश के उच्चतम स्तर तक पहुंचाया जाएगा।

मोजतबा खामेनेई का आक्रामक बयान

यह घटना उस समय हुई है जब ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने एक अत्यंत आक्रामक रुख अपनाया है। खामेनेई ने स्पष्ट रूप से घोषणा की है कि खाड़ी के मुल्कों पर ईरान का हमला जारी रहेगा। उन्होंने यहां तक कह दिया है कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य से किसी भी जहाज को गुजरने नहीं देंगे। उनके इस बयान ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग की सुरक्षा को लेकर भारी चिंता पैदा कर दी है।

मानवीय पहलू और भविष्य की चिंता

बचाए गए 17 नाविक सुरक्षित जरूर हैं लेकिन वे भारी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। थाई अधिकारियों ने घोषणा की है कि इन नाविकों को मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह हमला होर्मुज जलडमरूमध्य की नाजुक स्थिति को उजागर करता है और यह संकेत देता है कि यदि क्षेत्रीय शांति के लिए संयम नहीं बरता गया, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com