ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

अमेरिका-इजराइल की साजिश पर ईरान का पलटवार, नए नेतृत्व के साथ युद्ध के नौवें दिन भी तेहरान अडिग

Iran Oil Crisis: ईरान और US-इजराइल युद्ध के नौवें दिन विदेश मंत्री अराघची ने सुरक्षा और नए नेता की नियुक्ति पर भरोसा जताया। तेल की कीमतें दोगुनी होने के बीच तेहरान अब भी हमले के लिए पूरी तरह तैयार है।

प्रिया सिंह

New Iranian Leader Succession: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच ईरान ने अपनी रक्षात्मक तैयारी को और मजबूत कर लिया है जिससे अमेरिका और इजराइल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। युद्ध के नौवें दिन विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने साफ किया है कि उनका देश किसी भी साजिश का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसी महत्वपूर्ण समय में अयातुल्ला सैयद मुजतबा हुसैनी खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता चुनना देश की एकता और अखंडता के लिए एक बड़ा कदम है। अमेरिका की तेल और परमाणु ठिकानों को निशाना बनाने की योजना के बावजूद ईरानी नेतृत्व अपने लक्ष्यों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने हेतु अडिग नजर आ रहा है।

तनाव के नौ दिन और बढ़ती कीमतें

युद्ध के नौ दिन पूरे होने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें दोगुनी हो गई हैं जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संकट के बादल गहरा रहे हैं। अराघची ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट चेतावनी दी है कि अमेरिका इन बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के नाम पर ईरान के ठिकानों पर हमला कर सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान के पास भी अपने विरोधियों के लिए कई रोमांचक और चौंकाने वाले विकल्प मौजूद हैं जिनका समय आने पर उचित जवाब दिया जाएगा।

नया नेतृत्व और देश की एकता

देश के सामने खड़ी मौजूदा मुश्किल चुनौतियों के बीच नए सुप्रीम लीडर की नियुक्ति ने नागरिकों और सेना के मनोबल को एक नई और मजबूत दिशा दी है। विदेश मंत्री अराघची का मानना है कि यह चुनाव राष्ट्रीय संप्रभुता की गारंटी देगा और ईरानी लोगों के बीच आपसी तालमेल और क्रांतिकारी एकता को और प्रगाढ़ करेगा। सभी ईरानी राजनयिकों ने नए नेतृत्व के प्रति अपनी अटूट वफादारी जताते हुए देश की सुरक्षा और क्रांति के महान लक्ष्यों को पूरा करने का संकल्प लिया है।

कूटनीति के बंद होते रास्ते

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्पष्ट किया है कि यह जंग उन पर थोपी गई है और कूटनीतिक रास्ते बंद करने में अमेरिका की भूमिका है। तेहरान ने साफ कर दिया है कि वे अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन के खिलाफ एकजुट होकर लड़ेंगे और अपने देश के गौरवशाली झंडे को कभी झुकने नहीं देंगे। अब ईरान की पूरी ताकत अपनी सीमाओं और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने में लगी है जिससे वे किसी भी बाहरी आक्रमण का कड़ा मुकाबला कर सकें।

अडिग इरादे और सैन्य तैयारी

साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में यह भी बताया गया कि इजराइल और अमेरिका की आक्रामक नीतियों ने ही वर्तमान क्षेत्रीय स्थिति को इतना अधिक तनावपूर्ण बना दिया है। इसके बावजूद ईरान की बहादुर जनता अपने नए नेतृत्व के पीछे मजबूती से खड़ी है और हर मुश्किल हालात का पूरी हिम्मत से सामना करने का हौसला दिखा रही है। शांति के बजाय युद्ध का रास्ता चुनने वाली ताकतों को ईरान ने अपनी युद्धक तैयारियों और अडिग इरादों से एक बहुत ही कड़ा संदेश देने की कोशिश की है।

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