सीजफायर के एलान के कुछ घंटों बाद ईरान ने होर्मुज में जहाज पर की फायरिंग (ओरिजनल फोटो, सौ. से सोशल मीडिया) 
विदेश

ट्रंप के सीजफायर एलान के कुछ घंटों बाद ही ईरान ने Hormuz में जहाज पर की फायरिंग

Iran Ship Firing: ट्रंप द्वारा युद्धविराम की घोषणा के कुछ घंटों बाद ईरान ने Hormuz Strait में जहाज पर गोलीबारी की। ब्रिटिश सेना ने कहा कि हमले से पहले कोई चेतावनी नहीं दी गई थी।

प्रिया सिंह

Trump Ceasefire Iran Ship Attack: ईरान और अमेरिका के बीच चल रही भारी खींचातानी को लेकर एक बहुत ही बड़ी और अहम खबर सामने आई है। ईरान ने ट्रंप द्वारा युद्धविराम की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद Hormuz जलडमरूमध्य में जहाज पर गोलीबारी की है। ब्रिटिश सेना के अनुसार ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने बिना कोई पूर्व चेतावनी दिए इस बड़े हमले को अंजाम दिया है। हालांकि राहत की बात यह है कि इस भयानक और अचानक हुए हमले में किसी के भी हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।

हमले का समय और जानकारी

यह हमला बुधवार की सुबह भारतीय समयानुसार 7.55 (IST) पर Hormuz जलडमरूमध्य में पूरी तरह से अंजाम दिया गया है। ब्रिटिश सेना के यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) केंद्र ने इस गंभीर और बड़े हमले की पुष्टि की है। केंद्र के अनुसार ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस कंटेनर जहाज पर सीधा हमला किया है।

बिना चेतावनी के हमला

इस कंटेनर जहाज पर गोलीबारी करने से पहले ईरानी सेना ने इसे किसी भी तरह की कोई पूर्व चेतावनी नहीं दी थी। इस तरह अचानक हुए हमले से उस क्षेत्र में मौजूद अन्य जहाजों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार में दहशत फैल गई है। सौभाग्य से इतने खतरनाक हमले के बावजूद किसी भी व्यक्ति की जान जाने या घायल होने की कोई भी सूचना नहीं मिली है।

ईरान का आधिकारिक बयान

इस हमले के बाद ईरान की एक प्रमुख समाचार एजेंसी ने इसे लेकर अपना एक बहुत ही महत्वपूर्ण आधिकारिक बयान जारी किया है। इस बयान में एजेंसी ने इस हमले को Hormuz जलडमरूमध्य पर ईरान के नियंत्रण को कानूनी रूप से लागू करने का कदम बताया है। ईरान का यह कदम स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि वह इस क्षेत्र में अपना पूरा प्रभाव और नियंत्रण बनाए रखना चाहता है।

पाकिस्तान वार्ता की विफलता

ध्यान देने वाली बात यह है कि यह हमला पाकिस्तान में हो रही महत्वपूर्ण संघर्ष-विराम वार्ता के सफल न होने के बाद किया गया है। वार्ता विफल होने के तुरंत बाद इस प्रकार की हिंसक सैन्य कार्रवाई क्षेत्र में बढ़ते तनाव और अविश्वास को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। इस घटना ने अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी शांति समझौते की उम्मीदों को फिलहाल के लिए बहुत बड़ा झटका दिया है।

अमेरिकी सेना की पिछली कार्रवाई

इस हमले को पिछले सप्ताह अमेरिकी सेना द्वारा की गई एक बड़ी और आक्रामक कार्रवाई की प्रतिक्रिया के रूप में भी देखा जा रहा है। पिछले सप्ताह ही अमेरिकी सेना ने गोलीबारी करके ईरान के एक कंटेनर जहाज को पूरी तरह से अपने कब्जे में ले लिया था। इसके अलावा अमेरिका ने हिंद महासागर में ईरान के तेल व्यापार से जुड़े एक तेल टैंकर पर भी चढ़कर उसे रोक लिया था।

सीजफायर का सीधा उल्लंघन

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कुछ ही समय पहले इस क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए एक युद्धविराम की घोषणा की थी। लेकिन इस घोषणा के कुछ ही घंटों बाद ईरान द्वारा की गई यह सैन्य कार्रवाई सीधे तौर पर सीजफायर का उल्लंघन मानी जा रही है। इस स्थिति के बाद यह देखना बहुत ही महत्वपूर्ण होगा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय और अमेरिका इस घटना पर क्या कड़ा कदम उठाते हैं।

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