ईरान हमले में अमेरिका का AWACS विमान दो टुकड़ों में बंटा (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

सऊदी एयरबेस पर ईरानी हमला: अमेरिका का AWACS विमान दो टुकड़ों में बंटा, 10 कर्मचारी घायल

US AWACS Damaged: ईरान ने सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर मिसाइल और ड्रोन से हमला कर अमेरिकी AWACS विमान को तबाह कर दिया है। इस हमले में 10 अमेरिकी कर्मचारी घायल हुए हैं और भारी नुकसान हुआ है।

प्रिया सिंह

US Saudi Prince Sultan Airbase Attack: सऊदी अरब में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर ईरान ने एक भीषण हमला कर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। इस हमले के दौरान अमेरिकी वायुसेना के सबसे महत्वपूर्ण टोही विमान AWACS को निशाना बनाया गया है। ईरानी मीडिया के अनुसार US-सऊदी प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर हमले के कारण यह विमान दो टुकड़ों में बंट गया है। यह घटना दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव को एक नए और खतरनाक स्तर पर ले गई है।

हमले का विवरण और हथियारों का उपयोग

ईरानी प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार यह भीषण हमला शुक्रवार 29 मार्च 2026 को सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर अंजाम दिया गया। इस हमले में ईरान ने अपनी अत्याधुनिक 6 बैलिस्टिक मिसाइलों और कुल 29 आत्मघाती हमलावर ड्रोन्स का एक साथ व्यापक इस्तेमाल किया है। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि वहां मौजूद सुरक्षा घेरा विमानों को पूरी तरह बचाने में विफल साबित हुआ।

अमेरिकी कर्मियों को पहुंची भारी चोट

इस मिसाइल और ड्रोन हमले के परिणामस्वरूप कम से कम 10 अमेरिकी कर्मचारी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं जो वहां तैनात थे। एसोसिएटेड प्रेस की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक घायल कर्मचारियों में से दो की हालत इस समय काफी नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज जारी है। हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंट्रकॉम ने अब तक इस हताहतों की संख्या पर कोई आधिकारिक पुष्टि या खंडन नहीं किया है।

AWACS विमान की वर्तमान स्थिति

ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी इरना ने सोशल मीडिया पर हमले के बाद पूरी तरह तबाह हुए अमेरिकी विमान की तस्वीरें भी साझा की हैं। इन तस्वीरों में स्पष्ट देखा जा सकता है कि शक्तिशाली धमाके के कारण विमान का पूरा ढांचा बीच से दो हिस्सों में बंट चुका है। अब इस विशालकाय जासूसी विमान का केवल अगला और पिछला हिस्सा ही सुरक्षित बचा हुआ दिखाई दे रहा है जिसे लोग देख रहे हैं।

ईरान का अमेरिका पर कड़ा तंज

विमान की तस्वीरें जारी करने के साथ ही ईरान ने अमेरिकी रक्षा प्रणालियों की अंतरराष्ट्रीय प्रभावशीलता पर भी एक बड़ा सवालिया निशान लगाया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका के दावे के विपरीत उनके एयर डिफेंस सिस्टम अपने सबसे महत्वपूर्ण सैन्य संसाधनों की रक्षा करने में सक्षम नहीं रहे। इस बयान के जरिए ईरान ने पश्चिम एशिया में अपनी रणनीतिक सैन्य श्रेष्ठता साबित करने की पूरी कोशिश दुनिया के सामने की है।

अन्य सैन्य संपत्तियों को पहुंचा नुकसान

ईरानी सेना के अनुसार इस हमले में केवल AWACS विमान ही नहीं बल्कि वहां खड़े कई अन्य महत्वपूर्ण रिफ्यूलिंग विमानों को भी क्षति पहुंची है। इसके अलावा ईरान ने एक अमेरिकी MQ-9 जासूसी ड्रोन को मार गिराने और एक एफ-16 लड़ाकू विमान को निशाना बनाने का भी बड़ा दावा किया है। इन दावों ने क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सेना की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई वैश्विक रणनीतिक चिंताएं अचानक बहुत बढ़ा दी हैं।

अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर गहरा असर

ईरान के इस आक्रामक कदम ने खाड़ी देशों में शांति की संभावनाओं को कम कर दिया है और वैश्विक तेल बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। सऊदी अरब के एयरबेस पर इस तरह का सीधा हमला भविष्य में किसी बड़े क्षेत्रीय युद्ध की शुरुआत का एक गंभीर संकेत हो सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें अमेरिका की संभावित जवाबी कार्रवाई और उनके आने वाले आधिकारिक बयान पर पूरी तरह से टिकी हुई हैं।

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