Iran Appeals Neighboring Countries: ईरान (Iran) ने अमेरिका और इजरायल पर कड़ा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि दोनों देश खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता फैला रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि पिछले 40 दिनों की घटनाओं से यह साफ हो गया है कि अमेरिका और इजरायल को इस क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है। उनके अनुसार, इनकी मौजूदगी केवल देशों के बीच विभाजन और तनाव बढ़ाने का काम करती है। ईरान (Iran) ने साथ ही अपने पड़ोसी देशों से अपील की है कि वे अपनी जमीन, समुद्र या हवाई क्षेत्र का उपयोग ईरान के खिलाफ किसी भी हमले के लिए न होने दें। बघाई ने चिंता जताई कि कुछ क्षेत्रीय देशों ने जाने-अनजाने में अपनी सुविधाओं का उपयोग ऐसी गतिविधियों के लिए होने दिया है। ईरान ने यह भी स्पष्ट किया कि वह पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध और संप्रभुता के सम्मान का पक्षधर है, लेकिन उसके खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई में सहयोग को तुरंत रोकना चाहिए।
इस बीच कूटनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। ईरान (Iran) के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तेहरान में पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर का स्वागत किया। बताया जा रहा है कि इस मुलाकात में क्षेत्रीय तनाव और बातचीत की संभावनाओं पर चर्चा हुई। ईरान ने संकेत दिया है कि पाकिस्तान शांति और वार्ता को आगे बढ़ाने में भूमिका निभा सकता है।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में पहले हुए वार्ता प्रयासों के बाद अब दूसरे दौर की बातचीत की तैयारी चल रही है। कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान सेना प्रमुख अपने साथ अमेरिका का एक संदेश भी लेकर आए हैं, जिसका उद्देश्य मौजूदा गतिरोध को तोड़कर नए वार्ता ढांचे की दिशा में आगे बढ़ना है।
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वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख को लेकर कहा जा रहा है कि वे मौजूदा अस्थायी संघर्षविराम को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन वे किसी न किसी समझौते के जरिए समाधान चाहते हैं। उन्होंने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बड़ा अपडेट सामने आ सकता है।