कोलंबो में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (सोर्स- ANI)
विदेश

भारत-श्रीलंका मछुआरा विवाद पर राजनाथ सिंह का बयान- यह रोजी-रोटी से जुड़ा मामला है संवेदनशील होकर संभालें

India Fisheries Dispute: कोलंबो में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत और श्रीलंका को मछुआरों के मुद्दे को मानवीय दृष्टिकोण और कानून के तहत सुलझाना चाहिए क्योंकि यह आजीविका से जुड़ा है।

प्रिया सिंह

Rajnath Singh On Resolving India Sri Lanka Fisheries Dispute: भारत और श्रीलंका के बीच मछुआरों का विवाद लंबे समय से संवेदनशील मुद्दा रहा है। श्रीलंका की तीन दिवसीय यात्रा पर पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कोलंबो में इस मामले को मानवीय दृष्टिकोण और समुद्री कानून के तहत सुलझाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मछुआरों का मुद्दा सीधे तौर पर तटीय समुदायों की आजीविका से जुड़ा है, इसलिए दोनों देशों को इसे संवेदनशीलता और आपसी लाभ की भावना से संभालना चाहिए। साथ ही समुद्री सुरक्षा और कानून का पालन भी सुनिश्चित करना जरूरी है।

हिंद महासागर का बढ़ता रणनीतिक महत्व

श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय में अपने संबोधन के दौरान राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘महासागर’ यानी MAHASAGAR अवधारणा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हिंद महासागर अब केवल एक समुद्री मार्ग नहीं है, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और रणनीतिक भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण मंच बन चुका है।

रक्षा मंत्री ने ‘जो समुद्र पर राज करता है, वही दुनिया पर राज करता है’ वाली प्रसिद्ध उक्ति का जिक्र करते हुए कहा कि समुद्री सुरक्षा और आर्थिक विकास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए सभी साझेदार देशों के बीच सहयोग जरूरी है।

इंटिग्रेटेड मेरीटाइम डोमेन अवेयरनेस सिस्टम पर जोर

राजनाथ सिंह ने समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एकीकृत इंटिग्रेटेड मेरीटाइम अवेयरनेस सिस्टम बनाने की आवश्यकता बताई। इसके जरिए दोनों देशों के बीच समुद्र से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाओं को रियल टाइम में शेयर किया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था में दोनों देशों की नौसेनाओं, तटरक्षक बलों और संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाया जा सकता है। इससे अवैध मछली पकड़ने, संदिग्ध जहाजों की निगरानी, मादक पदार्थों की तस्करी और आतंकवाद जैसी गतिविधियों पर प्रभावी तरीके से नजर रखने में मदद मिलेगी।

भारत की विश्व-मित्र भूमिका

रक्षा मंत्री ने श्रीलंका को भारत के रणनीतिक दृष्टिकोण में महत्वपूर्ण साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि भारत एक भरोसेमंद मित्र और विश्व-मित्र के रूप में क्षेत्रीय देशों के साथ खड़ा है।

राजनाथ सिंह ने दोनों देशों के बीच मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों में सहयोग का भी उल्लेख किया। उन्होंने MT New Diamond पोत दुर्घटना और MV X-Press Pearl में लगी आग के दौरान भारत की ओर से दी गई सहायता को द्विपक्षीय सहयोग के उदाहरण के तौर पर पेश किया।

समुद्री अर्थव्यवस्था में सहयोग बढ़ाने की जरूरत

राजनाथ सिंह ने दोनों देशों के बीच समुद्री अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक संस्थागत आर्थिक ढांचा बनाने का सुझाव दिया। इसमें मत्स्य पालन, एक्वाकल्चर, समुद्री जैव प्रौद्योगिकी और महासागर विज्ञान जैसे क्षेत्र शामिल किए जा सकते हैं।

इसके अलावा समुद्री पर्यावरण संरक्षण और समुद्री पर्यटन को भी संयुक्त सहयोग का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि भारत श्रीलंका के कैपेसिटी बिल्डिंग और संयुक्त सैन्य अभ्यासों में सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।

राजनाथ सिंह के मुताबिक, समुद्री सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि एक-दूसरे से अलग नहीं हैं। दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास, कानून के सम्मान और साझा प्रतिबद्धता के जरिए ही हिंद महासागर क्षेत्र को सुरक्षित और समृद्ध बनाया जा सकता है।

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