राजनाथ सिंह का बड़ा फैसला, लखनऊ कैंट के ब्रिटिशकालीन 5 बाजारों के बदले नाम, अब बनेंगे 5 मंजिला मकान

Lucknow Cantt Renamed: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ कैंट में ₹101 करोड़ की विकास योजनाओं की घोषणा की। ब्रिटिश काल के 5 बाजारों के नाम बदले गए और इमारतों को 5 मंजिल तक बनाने की अनुमति दी गई।
Defence Minister Rajnath Singh
राजनाथ सिंह सोर्स- सोशल मीडिया
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Lucknow Cantt Market Renamed: रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने रविवार, 30 अगस्त को लखनऊ में एक बड़ा ऐलान करते हुए विकसित भारत की नई तस्वीर पेश की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का मान वैश्विक स्तर पर किस कदर बढ़ा है, इस पर चर्चा करते हुए उन्होंने लखनऊ छावनी परिषद में लगभग 101 करोड़ रुपये की 12 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और भूमिपूजन किया। इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने न केवल कैंट क्षेत्र के पुराने नियमों को बदलने का बड़ा फैसला लिया, बल्कि गुलामी के प्रतीकों को मिटाते हुए ब्रिटिश काल के प्रसिद्ध बाजारों के नाम महान भारतीय महापुरुषों और स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर रखने की घोषणा भी की।

लखनऊ कैंट के इन 5 बाजारों के बदले नाम

रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि बदलाव केवल इमारतों में नहीं होना चाहिए, बल्कि यह हमारी पहचान और पुरानी यादों में भी दिखना चाहिए। इसी राष्ट्रीय भावना के तहत ब्रिटिश काल से चले आ रहे कई ऐतिहासिक बाजारों के नामों को हमेशा के लिए बदल दिया गया है।

  • अब रॉयल आर्टिलरी बाजार को 'एकता बाजार' के नाम से जाना जाएगा।

  • ब्रिटिश कैवलरी बाजार का नया नाम 'वीरांगना ऊदा देवी बाजार' कर दिया गया है।

  • ब्रिटिश इन्फैंट्री बाजार के दो हिस्सों का नाम बदलकर 'माता दीन वाल्मीकि बाजार' और 'मंगल पांडे बाजार' रखा गया है।

  • इसके अलावा, ऐतिहासिक कैनेडी मार्केट का नाम अब देश के पूर्व प्रधानमंत्री 'अटल बिहारी वाजपेयी मार्केट' होगा।

राजनाथ सिंह के अनुसार, यह केवल नाम बदलने की कोई औपचारिक प्रक्रिया नहीं है। इन नए नामों के जरिए देश की नई पीढ़ी को हमारे गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रभक्ति और समाज के लिए योगदान देने वाली महान विभूतियों से परिचित कराने का एक बड़ा प्रयास किया गया है।

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₹101 करोड़ की बड़ी सौगात

रक्षा मंत्री ने लखनऊ छावनी परिषद में ₹101 करोड़ की लागत वाली कुल 12 परियोजनाओं की नींव रखी। उन्होंने इन निर्माण कार्यों को केवल ईंट-पत्थर का काम मानने से इंकार कर दिया और इसे '12 संकल्प' का नाम दिया, जो लखनऊ कैंट के आधुनिक और सुरक्षित भविष्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

राजनाथ सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि विकसित भारत की यात्रा सिर्फ बड़े शहरों और आधुनिक इमारतों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि विकास की रोशनी देश के हर मोहल्ले, हर बस्ती और हर गरीब परिवार तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों को तेजी से लागू करने और कानून का राज स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली की जमकर सराहना की।

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अब लखनऊ कैंट में बनेंगे 5 मंजिला मकान

बदलते समय के साथ शहरों और स्थानीय लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रक्षा मंत्री ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ छावनी क्षेत्र में नए बिल्डिंग बायलॉज लागू करने की घोषणा की है।

पहले के नियमों के तहत छावनी क्षेत्र में केवल 'जी प्लस-2' (यानी ग्राउंड फ्लोर के अलावा दो मंजिल) तक ही निर्माण करने की अनुमति थी। लेकिन अब नए नियमों के तहत इसे बढ़ाकर 'जी प्लस-3' (तीन मंजिल) कर दिया गया है। इतना ही नहीं, यदि कोई व्यक्ति अपने भवन निर्माण में पार्किंग की व्यवस्था को शामिल करता है, तो कैंट क्षेत्र में अब पांच मंजिल तक निर्माण कराने की अनुमति मिल सकेगी। इसका मुख्य उद्देश्य लखनऊ कैंट की समृद्ध विरासत को सुरक्षित रखते हुए इसे आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना है।

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बदला भारत का रूतबा

अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने भारत की बदलती वैश्विक हैसियत का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने याद दिलाया कि करीब 10-12 साल पहले अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जब भारत कोई बात रखता था, तो उसे उतनी गंभीरता से नहीं लिया जाता था जिसका वह हकदार था।

परंतु आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वैश्विक पटल पर भारत का कद इतना ऊंचा हो चुका है कि जब भी भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर बोलता है, तो पूरी दुनिया कान खोलकर सुनती है कि भारत क्या कह रहा है। उनके अनुसार, सच्चे अर्थों में विकसित भारत का मतलब केवल बड़े प्रोजेक्ट्स खड़े करना नहीं है, बल्कि देश के बच्चों को अच्छी शिक्षा, हर घर तक स्वच्छ पेयजल, युवाओं को अवसर और दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक स्थान दिलाना है।

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