पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

Imran Khan की दाहिनी आंख में ब्लीडिंग, डॉक्टर्स का खुलासा- कम हो रही आंखों की रोशनी

Eye Medical Report: पाकिस्तान के पूर्व PM इमरान खान की जेल में आंखों की जांच हुई। रिपोर्ट में दाहिनी आंख में ब्लीडिंग और रोशनी की कमी पाई गई है, जिसे उनकी पार्टी ने आधिकारिक तौर पर खारिज कर दिया है।

प्रिया सिंह

Imran Khan's Jail Medical Report: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर हाल ही में एक चौंकाने वाली मेडिकल रिपोर्ट सामने आई है जो काफी चिंताजनक है। रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद खान की आंखों की जांच के बाद डॉक्टरों ने उनकी वर्तमान स्थिति को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। इस रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद उनकी पार्टी PTI और समर्थकों के बीच काफी अधिक आक्रोश और अनिश्चितता का माहौल व्याप्त हो गया है। सरकारी मेडिकल बोर्ड द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट को खान की पार्टी ने पूरी तरह से अविश्वसनीय और राजनीति से प्रेरित करार दिया है।

मेडिकल रिपोर्ट के मुख्य बिंदु

सरकारी डॉक्टरों की एक विशेष टीम द्वारा जारी की गई दो पन्नों की रिपोर्ट के अनुसार इमरान खान की दाहिनी आंख में गंभीर समस्या पाई गई है। बिना चश्मा लगाए उनकी दाहिनी आंख का विजन 6/24 दर्ज किया गया है, जिसका मतलब है कि उनकी देखने की शक्ति सामान्य से काफी कम है। हालांकि चश्मा पहनने के बाद उनकी दाहिनी आंख के विजन में थोड़ा सुधार देखा गया और यह 6/9 के स्तर तक पहुंच गया है।

आंखों में ब्लीडिंग का खुलासा

डॉक्टरों ने अपनी विस्तृत जांच में पाया कि इमरान खान की दाहिनी आंख के भीतर हल्का इंट्राजेल रक्तस्राव यानी ब्लीडिंग हो रही है जो काफी चिंताजनक है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि रेटिना के विभिन्न चारों क्वाड्रेंट में मध्यम घनत्व के रक्त के धब्बे भी साफ तौर पर देखे गए हैं। इसके अलावा आंख के विट्रियस में कुछ रेशेदार धुंधलापन भी पाया गया है, जिससे उनकी देखने की क्षमता पर वर्तमान में काफी बुरा असर पड़ रहा है।

PTI ने किया रिपोर्ट का विरोध

इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने इस मेडिकल रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है और इसे पूरी तरह से बनावटी बताया है। पार्टी का गंभीर आरोप है कि जब यह जांच की जा रही थी तब वहां खान के परिवार का कोई सदस्य या निजी डॉक्टर मौजूद नहीं था। PTI नेताओं का मानना है कि जेल प्रशासन और सरकार मिलकर इमरान खान के स्वास्थ्य के साथ बहुत बड़ा और जानबूझकर खिलवाड़ कर रहे हैं।

डॉक्टरों की विशेष टीम का गठन

इस जांच के लिए पाकिस्तान के प्रसिद्ध मेडिकल संस्थानों के वरिष्ठ डॉक्टरों का एक विशेष बोर्ड गठित किया गया था जिसने यह विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। इसमें अल-शिफ़ा ट्रस्ट आई हॉस्पिटल के डॉ. प्रो. नदीम कुरैशी और PIMS के डॉ. प्रो. एम. आरिफ को मुख्य रूप से शामिल किया गया था। डॉक्टरों ने स्लिट लैम्प और ओसीटी जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग करके इमरान खान की आंखों की बहुत ही बारीकी से और गहन जांच पूरी की थी।

मैक्युलर ओडेमा में सुधार

रिपोर्ट में एक तकनीकी पहलू यह भी सामने आया है कि खान की आंख की केंद्रीय मैक्युलर मोटाई में पहले की तुलना में कुछ गिरावट दर्ज की गई है। ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी जांच के अनुसार उनकी आंख की मोटाई 550 से घटकर अब 350 रह गई है, जो सूजन के धीरे-धीरे कम होने का संकेत है। डॉक्टरों का कहना है कि मैक्युलर ओडेमा अब कम हो रहा है और फोवियल संरचना भी अब पहले के मुकाबले साफ तौर पर दिखाई दे रही है।

जेल में गोपनीयता पर सवाल

PTI नेता लतीफ खोसा ने पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश को औपचारिक पत्र लिखकर जेल में की गई इस अत्यंत गोपनीय जांच पर अपनी कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने मांग की है कि इमरान खान की सेहत की जांच पूरी तरह पारदर्शी तरीके से और उनके निजी डॉक्टरों की उपस्थिति में ही होनी चाहिए। पार्टी को यह गहरा डर है कि कहीं सरकार और अधिकारी मिलकर इमरान खान को शारीरिक रूप से गंभीर नुकसान पहुंचाने की साजिश कर रहे हैं।

परिजनों की बढ़ती चिंता

इमरान खान के बेटों कासिम और सुलेमान ने भी अपने पिता की गिरती हुई सेहत को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा है। जेल में बुनियादी सुविधाओं की कथित कमी और स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही के आरोपों ने पाकिस्तान की राजनीति में एक नया मानवीय तूफान खड़ा कर दिया है। समर्थक अब मांग कर रहे हैं कि खान को बेहतर इलाज प्रदान किया जाए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र जांच कराई जाए।

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