निकोलस मादुरो, राष्ट्रपति ट्रंप 
विदेश

मादुरो सरकार में घुसा एजेंट, महीनों की प्लानिंग...फिर 4 दिन पहले टालना पड़ा था ऑपरेशन, इनसाइड स्टोरी

Venezuelan President Captured: वेनेजुएला में जो भी हुआ, उसकी स्क्रिप्ट कई महीने पहले से लिखी जा रही थी. यह अचानक किया गया हमला नहीं था, बल्कि एक प्री-प्लांड ऑपरेशन था, इस ऑपरेशन की एक-एक बात जानिए...

अर्पित शुक्ला

US Attacks Venezuela: जब अमेरिकी डेल्टा फोर्स ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ा, तब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यह पूरा ऑपरेशन लाइव देख रहे थे। ट्रंप के अनुसार, यह उन्हें किसी “टीवी शो” जैसा महसूस हुआ। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “मैंने कई बेहतरीन मिशन देखे हैं, लेकिन ऐसा पहले कभी नहीं देखा।” वेनेजुएला में जो कुछ हुआ, उसकी पटकथा महीनों पहले ही तैयार की जा चुकी थी। यह कोई अचानक किया गया हमला नहीं, बल्कि पूरी तरह से पूर्व-नियोजित ऑपरेशन था, जिसके लिए CIA की एक टीम अगस्त से ही वेनेजुएला में सक्रिय थी।

इस पूरी कहानी को समझने के लिए करीब पांच महीने पीछे जाना होगा। CNN ने सूत्रों के हवाले से बताया कि ट्रंप ने अपने करीबी और भरोसेमंद लोगों के साथ मिलकर इस मुद्दे पर काम करने के लिए एक विशेष टीम बनाई थी। इस टीम में ट्रंप के वरिष्ठ सहयोगी स्टीफन मिलर, विदेश मंत्री मार्को रूबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और CIA डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ सहित कई शीर्ष अधिकारी शामिल थे। ये सभी अधिकारी महीनों तक लगातार इस योजना पर काम करते रहे और नियमित रूप से बैठकें व फोन पर चर्चा होती रही।

अगस्त से ही चल रही थी प्लानिंग

सितंबर की शुरुआत में, जब अमेरिकी सेना ने कथित तौर पर ड्रग्स ले जा रही एक नाव पर कार्रवाई की थी, उससे पहले ही मादुरो को सत्ता से हटाने की योजना बननी शुरू हो गई थी। एक ओर अमेरिका कैरेबियन क्षेत्र में खुलकर अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा था, वहीं दूसरी ओर चुपचाप इस ऑपरेशन की तैयारी चल रही थी।

अमेरिकी सेना

अगस्त में CIA ने गुप्त रूप से वेनेजुएला में एक छोटी टीम भेजी थी। इस टीम का काम राष्ट्रपति मादुरो की गतिविधियों पर नजर रखना था—वे कहां जाते हैं, कहां रहते हैं, क्या खाते हैं और कब सोते हैं जैसी तमाम जानकारियां इकट्ठा की जा रही थीं। सूत्रों के मुताबिक, इसी निगरानी के जरिए यह तय किया गया कि 3 जनवरी को ऑपरेशन के दिन मादुरो कहां मौजूद होंगे। इसके अलावा अमेरिकी सेना के विशेष कमांडो, जिनमें डेल्टा फोर्स भी शामिल थी, ने मादुरो के सुरक्षित ठिकाने की हूबहू संरचना बनाकर लगातार अभ्यास किया। वे यह समझने के लिए बार-बार ट्रेनिंग करते रहे कि कड़ी सुरक्षा वाले उस परिसर में कैसे दाखिल होना है।

सरकार के भीतर था CIA का एजेंट

ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के प्रमुख जनरल डैन केन ने बताया कि टीम के पास मादुरो की दिनचर्या से जुड़ी पूरी जानकारी थी। उनकी यात्राएं, खानपान, पहनावा और यहां तक कि उनके पालतू जानवरों तक का विवरण। CNN के एक सूत्र के अनुसार, इस ऑपरेशन में एक ऐसा एजेंट भी शामिल था, जो वेनेजुएला सरकार के भीतर रहते हुए CIA के लिए काम कर रहा था। इसी एजेंट ने मादुरो की गिरफ्तारी से पहले उनके ठिकाने और गतिविधियों की अहम जानकारी अमेरिका को दी।

मादुरो सरकार के भीतर था CIA का एजेंट

नवंबर में दिया गया था आखिरी अल्टीमेटम

CNN के मुताबिक, व्हाइट हाउस के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि मादुरो को सत्ता से हटाने की तैयारी चल रही थी, लेकिन अमेरिका को उम्मीद थी कि वह खुद ही पद छोड़ देंगे। ऐसा नहीं हुआ। एक अधिकारी के अनुसार, नवंबर में ट्रंप और मादुरो के बीच फोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें ट्रंप ने मादुरो से कहा था कि उनके लिए बेहतर होगा कि वे सत्ता छोड़कर देश से बाहर चले जाएं। यह बातचीत लगभग एक अंतिम चेतावनी जैसी थी।

चार दिन पहले टला था ऑपरेशन

अमेरिका ने 3 जनवरी को ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ शुरू किया। क्रिसमस से कुछ दिन पहले ही ट्रंप ने इसे मंजूरी दे दी थी। यह ऑपरेशन चार दिन पहले किया जाना था, लेकिन खराब मौसम के कारण इसे टाल दिया गया। सेना और खुफिया एजेंसियों ने मौसम साफ होने तक इंतजार करने की सलाह दी थी।

ट्रंप ने इस ऑपरेशन को अंतिम मंजूरी दी

जनरल डैन केन के मुताबिक, शुक्रवार 2 जनवरी की रात 10:46 बजे (अमेरिकी समय) ट्रंप ने इस ऑपरेशन को अंतिम मंजूरी दी। उस समय ट्रंप फ्लोरिडा के पाम बीच स्थित अपने मार-ए-लागो क्लब में थे और अपने सलाहकारों के साथ बैठकर पूरे ऑपरेशन का लाइव प्रसारण देख रहे थे। ऑपरेशन के बाद फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने कहा, “मैंने इसे देखा, सच में, जैसे कोई टीवी शो देख रहा हूं। अगर आपने इसकी रफ्तार और एक्शन देखा होता… हमने इसका हर पल देखा।”

ऑपरेशन के दिन क्या हुआ?

मंजूरी मिलने के कुछ ही देर बाद अमेरिकी हेलीकॉप्टर समुद्र से करीब 100 फीट ऊपर उड़ते हुए काराकस की ओर बढ़े। अमेरिकी डेल्टा फोर्स के कमांडो मादुरो के घर में दाखिल हुए। उस समय मादुरो अपनी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के साथ सो रहे थे। ऑपरेशन के दौरान पूरे काराकस की बिजली काट दी गई थी। BBC की रिपोर्ट के अनुसार, मादुरो लोहे की दीवारों से बने एक सुरक्षित कमरे में भागने की कोशिश कर रहे थे। वे दरवाजे तक पहुंचे, लेकिन उसे बंद नहीं कर पाए।

मादुरो के हाथों में हथकड़ी और आंखों पर पट्टी

कुछ घंटों बाद, शनिवार 3 जनवरी की सुबह ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें मादुरो हथकड़ियों में दिखाई दे रहे थे। उन्होंने ग्रे ट्रैक पैंट और काले गॉगल्स पहन रखे थे और वे अमेरिकी हिरासत में थे। यह महीनों से चल रही एक कार्रवाई का नाटकीय अंत था, जिसका मकसद शुरू से साफ था—निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाना। और इस मिशन में अमेरिका सफल रहा।

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