Indian Ship Hormuz Attack: होर्मुज हमला एक बार फिर चर्चा में है जहां एक भारतीय जहाज गोलीबारी का बहुत बड़ा शिकार हो गया है। इस दुर्भाग्यपूर्ण और हिंसक घटना में गुजरात के एक निर्दोष नाविक की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए हैं। यह पूरी घटना उस वक्त हुई जब यह जहाज रात के अंधेरे में होर्मुज स्ट्रेट को पार कर रहा था।
इस हिंसक हमले ने अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिपिंग निदेशालय के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पूरी हिंसक घटना की आधिकारिक पुष्टि कर दी है और मामले में हर संभव आवश्यक सहायता भी प्रदान कर रहे हैं। इस अचानक हुए हमले से पूरे क्षेत्र में दहशत और तनाव का माहौल बन गया है।
इस लकड़ी से बने हुए जहाज का नाम अल फैज नूर-ए-सुलेमानी 1 था और इसमें कुल 18 लोगों का क्रू सवार था। यह जहाज 7 मई को दुबई से अपनी व्यापारिक यात्रा पर पूरी तैयारी के साथ निकला था और यमन के मुक्कम की ओर जा रहा था। अपनी इस यात्रा के दौरान 8 मई को रात करीब एक बजे होर्मुज स्ट्रेट पार करते समय यह जहाज अचानक गोलीबारी की भीषण चपेट में आ गया। इस हिंसक हमले के बाद से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दामों में भी तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इंडियन सेलिंग वेसल्स एसोसिएशन के महासचिव आदम भाया ने इसे अमेरिका और ईरान की सेनाओं के बीच हुई एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हिंसक झड़प बताया है। इस भयानक और हिंसक हमले में इंजन ड्राइवर अल्ताफ तालाब केर की मौके पर ही जान चली गई। मृतक नाविक अल्ताफ मूल रूप से गुजरात राज्य के द्वारका जिले के सलाया गांव के रहने वाले निवासी थे। उनकी दर्दनाक मौत की खबर से उनके पूरे गांव और परिवार में भारी शोक और निराशा की गहरी लहर दौड़ गई है।
घटना के बाद बाकी बचे हुए क्रू सदस्यों को सुबह करीब 7 बजे एमएसवी प्रेम सागर-I (BDI-1491) जहाज द्वारा सुरक्षित रूप से बचा लिया गया। इस सफल रेस्क्यू के बाद ये सभी बचे हुए सदस्य उसी दिन शाम 6 बजे तक दुबई पोर्ट पर सुरक्षित पहुंच गए। दुबई पोर्ट पहुंचने के बाद सभी घायल सदस्यों का एक स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के तुरंत बाद भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने अस्पताल जाकर बचाए गए इन सभी नागरिकों से विशेष मुलाकात की है।
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ईरान और अमेरिका के युद्ध के बाद से ही होर्मुज क्षेत्र एक बहुत बड़े टकराव का प्रमुख और संवेदनशील केंद्र बना हुआ है। ईरान ने लंबे समय से बिना अपनी विशेष इजाजत के किसी भी जहाज को निकलने देने पर सख्त प्रतिबंध लगाया हुआ है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि 11 भारतीय जहाज इस तनावपूर्ण होर्मुज क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकल चुके हैं। वहीं 13 जहाज अभी भी इस बेहद संवेदनशील और तनावपूर्ण फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद हैं और उन पर लगातार नजर रखी जा रही है।