अमेरिकी एजेंसियों ने हैरी बॉक्सर को हिरासत में लिया।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के करीबी और राजस्थान के पूर्व बॉक्सिंग कोच है हैरी बॉक्सर
फिल्म डायरेक्टर रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग आरोप
अभिनेता रणवीर सिंह से 20 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का आराेप।
Lawrence Bishnoi Gang Harry Boxer Arrested in US: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के करीबी और विदेश में बैठकर आपराधिक नेटवर्क संचालित करने वाले हैरी बॉक्सर को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया है। उसका नाम फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी लेने, अभिनेता रणवीर सिंह को धमकी देने और रंगदारी मांगने के मामलों में सामने आया है।
मुंबई पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती उसे अमेरिका से भारत लाना है। सवाल है कि आखिर एक पूर्व बॉक्सिंग कोच कैसे लॉरेंस बिश्नोई गैंग का अहम चेहरा बन गया और उसके खिलाफ क्या-क्या आरोप हैं?
हैरी बॉक्सर का असली नाम हरि चंद जाट है। वह राजस्थान के अलवर जिले के नारायणपुर गांव का रहने वाला है। उसने बॉक्सिंग की ट्रेनिंग ली थी और जयपुर में बॉक्सिंग कोच के रूप में भी काम किया। बाद में वह अपराध की दुनिया में आ गया। उसके खिलाफ राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में रंगदारी, लूट और हत्या के प्रयास जैसे कई मामले दर्ज बताए जाते हैं।
फरवरी 2026 में रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर के बाहर फायरिंग हुई थी। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में हैरी बॉक्सर समेत लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों ने जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। रणवीर सिंह की टीम को भी धमकी भरे वॉयस नोट भेजे गए और 20 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप है। इससे पहले कनाडा में कपिल शर्मा के कैफे पर हुई फायरिंग के बाद भी उसका नाम सामने आया था।
हैरी बॉक्सर को भारत लाने के लिए दो कानूनी रास्ते हो सकते हैं। पहला, अमेरिकी अधिकारियों से प्रत्यर्पण की मांग करना और दूसरा, इमिग्रेशन नियमों के तहत निर्वासन यानी डिपोर्टेशन की प्रक्रिया। इसके लिए भारत को उसके खिलाफ दर्ज मामलों, गिरफ्तारी वारंट, लुकआउट सर्कुलर और जांच से जुड़े सबूत अमेरिकी एजेंसियों को उपलब्ध कराने होंगे।
प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में अमेरिकी अदालत की कानूनी मंजूरी जरूरी हो सकती है। भारत पहुंचने पर उसे संबंधित मामलों में गिरफ्तार कर पूछताछ की जा सकेगी।
मुंबई पुलिस के लिए उसकी गिरफ्तारी इसलिए अहम है, क्योंकि उससे विदेश में बैठे गैंग के अन्य सदस्यों, फंडिंग और स्थानीय शूटरों के नेटवर्क के बारे में जानकारी मिल सकती है।
नवभारत के लिए अखिलेश तिवारी की रिपोर्ट