ट्रंप के शांति प्लान को हमास की चुनौती, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

ट्रंप के शांति प्लान को हमास की चुनौती! गाजा के 5 जिलों में 'कमांडर' बने गवर्नर, फिर शुरू हुआ टैक्स का खेल

Hamas Gaza Control: अमेरिका में शांति बोर्ड की बैठक के बीच हमास ने गाजा में अपनी प्रशासनिक पकड़ मजबूत कर ली है। नए गवर्नरों की नियुक्ति और टैक्स वसूली ने ट्रंप की शांति योजना पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अमन उपाध्याय

Trump Peace Plan Gaza: गाजा पट्टी में एक तरफ जहां युद्धविराम के बाद शांति बहाली की कोशिशें तेज हो रही हैं वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत कुछ और ही संकेत दे रही है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमास ने गाजा में अपनी प्रशासनिक पकड़ को फिर से मजबूत करना शुरू कर दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है।

सशस्त्र ब्रिगेड से जुड़े 5 नए गवर्नर नियुक्त

रिपोर्ट के अनुसार, हमास ने गाजा के पांच प्रमुख जिलों में नए जिला राज्यपालों की नियुक्ति की है। गौर करने वाली बात यह है कि इन सभी नए अधिकारियों का संबंध हमास की सशस्त्र शाखा 'अल-कस्साम ब्रिगेड' से रहा है। इसके साथ ही अर्थव्यवस्था और आंतरिक मंत्रालयों में भी बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया है। हाल ही में स्वास्थ्य मंत्रालय के एक नए डिप्टी मंत्री को अस्पतालों का दौरा करते हुए देखा गया जो इस बात का प्रमाण है कि हमास का प्रशासनिक ढांचा एक बार फिर सक्रिय हो चुका है।

टैक्स वसूली और आर्थिक नियंत्रण

प्रशासनिक बदलावों के साथ-साथ हमास ने अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए टैक्स वसूली भी तेज कर दी है। विशेष रूप से 'येलो लाइन' यानी हमास के प्रभाव वाले इलाकों में निजी कारोबारियों से शुल्क लिया जा रहा है। तस्करी के जरिए आने वाली वस्तुओं जैसे सिगरेट, मोबाइल फोन, सोलर पैनल और बैटरियों पर भारी टैक्स लगाया जा रहा है। इस वसूली से हमास को लाखों शेकेल की आय हो रही है। इसी फंड का इस्तेमाल करते हुए हमास अपने लड़ाकों और सरकारी कर्मचारियों को औसतन 1,500 शेकेल (करीब 500 डॉलर) का मासिक वेतन भी बांट रहा है।

ट्रंप की शांति योजना पर संकट के बादल

हमास की यह सक्रियता राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। ट्रंप के प्लान के मुताबिक, गाजा में एक 'टेक्नोक्रेट समिति' के जरिए अंतरिम प्रशासन चलाया जाना है जिसकी अगुवाई पूर्व फिलिस्तीनी अधिकारी अली शाथ करेंगे। इस योजना की शर्त यह है कि हमास को हथियार छोड़ने होंगे और सत्ता से पूरी तरह अलग होना होगा।

हालांकि, हमास का दावा है कि वह प्रशासन सौंपने को तैयार है लेकिन उसका आरोप है कि इजरायल ने प्रस्तावित समिति के सदस्यों को गाजा में प्रवेश की अनुमति नहीं दी है। दूसरी ओर, इजरायल का रुख पूरी तरह स्पष्ट है गाजा के भविष्य के शासन में हमास की किसी भी प्रकार की भूमिका स्वीकार्य नहीं होगी। अमेरिका में होने वाली पीस बोर्ड की बैठक और गाजा में हमास की मजबूत होती पकड़ के बीच अब संघर्ष का एक नया मोर्चा खुलता दिख रहा है।

INDIA Alliance: कांग्रेस का हल्ला बोल, कल मनाएगी काला दिन; ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगी जंग

INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन पर BJP का पलटवार! सुधांशु त्रिवेदी बोले- निहायत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय

मिथुन चक्रवर्ती बने बंगाल सरकार के सलाहकार, कैबिनेट मंत्री के बराबर होगा दर्जा

बैरिकेड, धक्का-मुक्की और हिरासत...राहुल गांधी को पुलिस ने रोका, प्रियंका बोलीं- मुझे जगह-जगह खरोंचा गया

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़े राहुल गांधी, बोले- 100 FIR भी मंजूर, हर केस मेरे लिए मेडल