गाजा में इजरायल के हमले की एक तस्वीर, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

48 घंटे में 130 हमले... ट्रंप के कड़े रुख के बाद भी गाजा में विनाश की बारिश, 94 लोगों की मौत

Israel Hamas peace talks: मिस्र में हमास और इजरायल के बीच संघर्ष विराम और बंधकों की रिहाई को लेकर महत्वपूर्ण बातचीत शुरू होने वाली है। यह वार्ता अमेरिका और कतर की मध्यस्थता में हो रही है और इसे...

अमन उपाध्याय

Gaza airstrike: गाजा में इजरायली बमबारी दूसरे दिन भी जारी है, जबकि अमेरिका ने कड़ा रुख अपनाया है और हमास शांति योजना के लिए सहमत हो चुका है। पिछले 48 घंटों में हुए 131 हवाई हमलों में 94 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई। बयान में इसे फिलिस्तीनी नागरिकों के खिलाफ इजरायल की लगातार हिंसा का हिस्सा बताते हुए "चलता हुआ नरसंहार" करार दिया गया।

गाजा प्रशासन ने कहा कि इन अपराधों की पूरी जिम्मेदारी इजरायल पर है और अमेरिकी प्रशासन समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि तुरंत प्रभावी कदम उठाकर इस आक्रामकता को रोका जाए।

मिस्र में होने जा रही महत्वपूर्ण वार्ता

इस बीच, संघर्ष विराम और बंधकों की रिहाई को लेकर हमास और इजरायल के बीच मिस्र में महत्वपूर्ण वार्ता होने वाली है। रविवार को हमास का प्रतिनिधि दल काहिरा पहुंचा, जबकि इजरायली टीम सोमवार को शार्म अल-शेख पहुंचेगी। यह बातचीत अमेरिका की मध्यस्थता में हो रही है ताकि लगभग दो साल से जारी गाजा संघर्ष को समाप्त किया जा सके। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि आने वाले कुछ दिन निर्णायक साबित होंगे। उन्होंने कहा आगे कहा कि अगर हमास ईमानदार है, तो तकनीकी बातचीत के दौरान उसकी असली नीयत स्पष्ट हो जाएगी।"

तेजी से आगे बढ़ रही शांति वार्ता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि शांति वार्ता तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पहला चरण इस हफ्ते पूरा होने की उम्मीद है, सभी को तेज़ी से काम करना चाहिए। इस पहले चरण में गाजा में बचे 48 बंधकों (जिनमें लगभग 20 अभी जीवित हैं) की रिहाई के बदले फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ा जाएगा।

7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद गाजा में संघर्ष शुरू हो गया। हमास के हमले के जवाब में इजराइल ने गाजा पर कई हमले किए। फिलहाल, अमेरिका युद्धविराम के प्रयास कर रहा है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमलों को रोकने के लिए 20 पॉइंट का शांति प्रस्ताव पेश किया है, जिस पर चर्चा जारी है। इस युद्ध के दौरान यूरोप समेत कई देशों में इजराइल के खिलाफ प्रदर्शन हुए। गाजा संघर्ष के कारण प्रधानमंत्री नेतन्याहू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ गए हैं। हाल ही में जब उन्होंने यूएन में भाषण दिया, तो कई देशों ने उसका विरोध करते हुए वॉकआउट किया। इस तरह, युद्ध ने इजराइल की वैश्विक छवि को कमजोर कर दिया और कई देश इसके खिलाफ खड़े हो गए।

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