Defy Gaza Blockade Break: इजरायल की नौसैनिक नाकेबंदी को तोड़ने के लिए एक बार फिर से छोटे-छोटे नावों का कारवां समंदर में निकला है। इनका मुख्य लक्ष्य गाजा पहुंचकर फिलिस्तीनियों तक मदद पहुंचाना है। इन नावों में जरूरी सामान के साथ-साथ दुनियाभर के कई सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद हैं। अब यह देखना बहुत ही दिलचस्प होगा कि इन नावों के करीब पहुंचने पर इजरायल की क्या प्रतिक्रिया होती है।
गुरुवार को तुर्की के भूमध्यसागर तट से दर्जनों नावें गाजा की ओर रवाना हुईं जो एक बड़ी चुनौती है। ग्लोबल सुमुद फ़्लोटिला के आयोजकों ने इसे गाजा के तटों तक की अपनी यात्रा का अंतिम चरण बताया है। मारमारिस बंदरगाह से 50 से ज़्यादा नावें इस खतरनाक और चुनौतीपूर्ण मिशन के तहत गाजा की ओर रवाना हुई हैं। यह घटना इजरायल द्वारा पिछले बेड़े को रोकने के कुछ ही हफ़्तों बाद फिर से दोहराई गई है।
आयोजकों का कहना है कि हाल ही में रोके जाने के बाद फिर से बेड़ा गाजा की ओर जा रहा है। इस बड़े और महत्वपूर्ण मिशन में 45 देशों के लगभग 500 कार्यकर्ता पूरे उत्साह के साथ हिस्सा ले रहे हैं। इन्हें उम्मीद है कि वे गाजा के खराब हालात की तरफ पूरी दुनिया का ध्यान एक बार फिर से खींच पाएंगे। यह इलाका इजरायल और हमास के बीच जारी भयानक युद्ध की वजह से पूरी तरह से तबाह हो चुका है। गाजा युद्ध के बाद से अब तक कुल 72,744 फ़िलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जो डरावना है। वहीं इस हमले में लगभग 1200 लोग मारे गए थे और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था।
गाजा में 6 महीने से चल रही एक नाजुक सीजफायर ने भीषण लड़ाई को फिलहाल रोक दिया है। गाजा के लगभग 20 लाख लोग अभी भी खंडहरों में रहने को मजबूर हैं, जहां भारी कमी है। वहां खाने और दवाइयों की कमी है और सिर्फ एक इजरायली चौकी से सीमित मदद पहुंच रही है। इजरायल का कहना है कि यह सख्त नाकेबंदी इसलिए जरूरी है ताकि हमास हथियारों का आयात न कर सके। वहीं आलोचकों का मानना है कि यह गाजा की पूरी आबादी को दी जा रही एक सामूहिक सजा है। 30 अप्रैल को इजरायली सेना ने क्रीट के पास 20 नावों को रोककर 175 लोगों को हिरासत में लिया था।
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पिछले साल लगभग 50 जहाज और 500 कार्यकर्ता शामिल थे जिन्हें इजरायल ने पूरी तरह रोक दिया था। इजरायल ने इन सभी लोगों को गिरफ़्तार कर हिरासत में रखा और बाद में देश से बाहर निकाल दिया। साल 2010 में भी इजरायली कमांडो ने तुर्की के जहाज 'मावी मारमारा' पर इसी तरह का धावा बोला था।