हिज्बुल्लाह को लगा 'बड़ा झटका', टॉप कमांडर यूसुफ हशेम को इजरायल ने किया ढेर; पीछे हटीं लेबनानी सेना

Israel Kills Hezbollah Commander: इजरायली सेना ने बेरूत में एक सटीक हमले में हिज्बुल्लाह की 'दक्षिणी फ्रंट यूनिट' के शीर्ष कमांडर यूसुफ इस्माइल हशेम को मार गिराने का दावा किया है। 
Hezbollah Suffers 'Major Blow': Israel Eliminates Top Commander Yusuf Hashem; Missiles Rain Down All Night
बेरूत में हवाई अड्डे के पास इजरायल का हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Israel Hezbollah War: मध्य पूर्व में जारी भीषण युद्ध के बीच इजरायल ने चरमपंथी संगठन हिज्बुल्लाह के खिलाफ एक और बड़ी कामयाबी हासिल करने का दावा किया है। इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने बुधवार को घोषणा की कि उसने बेरूत में किए गए एक सटीक हमले में हिज्बुल्लाह के वरिष्ठ कमांडर हज यूसुफ इस्माइल हशेम को 'खत्म' कर दिया है। हालांकि, हिज्बुल्लाह की ओर से इस दावे पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

Israel ने दिया 'बड़ा झटका'

इजरायली सेना के सैनिकों द्वारा मंगलवार को बेरूत में किए गए इस ऑपरेशन को हिज्बुल्लाह के सैन्य ढांचे के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। सेना के अनुसार, हशेम के पास संगठन में 40 साल का लंबा अनुभव था। हशेम हिज्बुल्लाह की दक्षिणी फ्रंट यूनिट के कमांडर के रूप में कार्यरत थे। उन पर इजरायली नागरिकों को निशाना बनाने और दक्षिणी लेबनान में इजरायली सैनिकों के खिलाफ हिंसक अभियानों को संचालित करने का मुख्य जिम्मेदारी थी। अली कराकी की जगह ली थी हशेम ने यूसुफ इस्माइल हशेम ने दक्षिणी फ्रंट यूनिट की कमान तब संभाली थी जब उनके पूर्ववर्ती कमांडर अली कराकी सितंबर 2024 में एक इजरायली हमले में मारे गए थे। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, Israel ने रात भर बेरूत पर अपने हमले तेज कर दिए हैं, जिसमें 9 लोगों की मौत हुई है और 29 अन्य घायल हुए हैं।

बॉर्डर से लेबनानी सेना की वापसी

अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त सैन्य हमलों के बाद से ही इस क्षेत्र में तनाव चरम पर है। इसके जवाब में हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर मिसाइलें दागीं जिसके बाद 2 मार्च से लेबनान में इजरायली बमबारी और तेज हो गई है। इजरायल के जमीनी हमलों के बढ़ते खतरे को देखते हुए लेबनानी सेना ने सीमावर्ती अधिकांश कस्बों से पीछे हटने का फैसला किया है।

हालांकि, लेबनान के भीतर समुदायों के बीच इस स्थिति को लेकर अलग प्रतिक्रियाएं हैं। रमीच और ऐन एबेल जैसे ईसाई-बहुल समुदायों के निवासियों ने लेबनानी सैन्य नेतृत्व से वहां रुकने की अपील की है। जनता की मांग को देखते हुए लेबनानी सेना ने कुछ कस्बों में अपनी मौजूदगी बनाए रखने का निर्णय लिया है।

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