LCA Tejas Oil Leaking Controversy: संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित दुबई एयर शो में भारत के स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान एलसीए तेजस ने शानदार प्रदर्शन किया और अपनी क्षमता से सभी का ध्यान आकर्षित किया। तेजस पहले भी इस प्रतिष्ठित एयर शो में हिस्सा ले चुका है, लेकिन इस बार उसका प्रदर्शन विशेष रूप से सराहा गया। हालांकि, इस बार उसके प्रदर्शन के साथ एक विवाद भी जुड़ गया जब कुछ पाकिस्तानी सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे लेकर कुछ दावे करने शुरू कर दिए।
इन यूजर्स ने वीडियो और तस्वीरों के जरिए यह प्रचार किया कि एयर शो के दौरान तेजस के फ्यूसलेज से तरल पदार्थ लीक हो रहा था। खास बात यह है कि ऐसा दावा करने वाले अकाउंट्स में से कई का जुड़ाव पाकिस्तान फर्स्ट जैसे हैंडल से था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह भारत के तकनीकी प्रदर्शन को बदनाम करने का जानबूझकर किया गया प्रयास था।
कुछ यूजर्स ने लिखा कि तेल रिसाव के चलते भारतीय तेजस जेट को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा, जबकि अन्य ने कहा कि “कर्मचारियों को लीक हो रहे तरल को इकट्ठा करने के लिए विमान के नीचे बैग लगाने पड़े। जबकि असलिय इससे बिल्कुल अलग है।
रक्षा मामलों पर नजर रखने वाले प्लेटफॉर्म ‘अल्फा डिफेंस’ की रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो में दिखने वाला तरल पदार्थ तेल नहीं, बल्कि संघनित पानी है। यह घटना किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि विमान के सामान्य संचालन का हिस्सा है। लगभग हर विमान, चाहे वह सैन्य हो या नागरिक, उड़ान के दौरान या उसके बाद कंडेन्सेशन के कारण पानी छोड़ता है। यह उसके ‘एनवायरनमेंटल कंट्रोल सिस्टम’ (ECS) के सही ढंग से काम करने का संकेत होता है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इस तरह का संघनन न दिखे तो यह प्रणाली में गड़बड़ी का संकेत माना जाएगा। इसलिए, विमान के नीचे पानी का टपकना वास्तव में उसके कूलिंग और प्रेसराइजेशन सिस्टम के कुशल संचालन का प्रमाण है। इसे एसी से तुलना की जा सकती है, जो हवा को ठंडा करने की प्रक्रिया में पानी छोड़ता है। तेजस के प्रदर्शन ने भारत की उन्नत एयरोस्पेस तकनीक को वैश्विक मंच पर एक बार फिर मजबूत ढंग से स्थापित किया है।