एवरग्रैंड के फाउंडर हुई का यान को उम्रकैद (सोर्स - सोशल मीडिया)
विदेश

Evergrande के फाउंडर हुई का यान को हुई उम्रकैद, चीन की अदालत ने कंपनी पर लगाई 2.4 अरब डॉलर की पेनल्टी

Evergrande Founder Jail: चीन की रियल एस्टेट कंपनी एवरग्रैंड के फाउंडर हुई का यान को वित्तीय धोखाधड़ी में उम्रकैद की सजा हुई है और कोर्ट ने उनकी सारी निजी संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया है।

प्रिया सिंह

Evergrande Founder China Crisis: चीन के रियल एस्टेट क्षेत्र में भूचाल लाने वाली कंपनी एवरग्रैंड के फाउंडर हुई का यान को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को शेनझेन की अदालत ने हुई का यान को वित्तीय धोखाधड़ी और रिश्वतखोरी के आरोपों में दोषी पाया है।

इस अदालती फैसले के तहत हुई का यान के सभी राजनीतिक अधिकार हमेशा के लिए छीन लिए गए और उनकी सारी प्राइवेट प्रॉपर्टी भी जब्त कर ली गई। चीनी अधिकारियों ने इस रियल एस्टेट कंपनी और उसकी सहयोगी कंपनी पर कुल 15.82 अरब युआन यानी लगभग 2.4 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया है।

वित्तीय धोखाधड़ी और रिश्वतखोरी का आरोप

शेनझेन इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट ने बताया कि हुई का यान ने अप्रैल में ही अपना अपराध कबूल कर लिया था। अदालत के अनुसार, साल 2016 से 2021 के बीच एवरग्रैंड ने देश के कानूनों का उल्लंघन करके लगातार बड़े पैमाने पर कूटनीतिक और वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम दिया था।

इस कड़े घोटाले के जरिए कंपनी ने अपनी वित्तीय स्थिति को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया था, जबकि उस पर मौजूद भारी कर्ज को छिपाया गया था। इसके अलावा, आरोपियों ने कुछ वित्तीय संस्थानों पर अपना नियंत्रण हासिल करने के लिए उन्हें भारी रिश्वत भी दी थी, जिससे व्यवस्था में संकट पैदा हुआ।

अन्य शीर्ष अधिकारियों को सजा

इस अदालती फैसले के तहत एवरग्रैंड ग्रुप के पांच अन्य बड़े अधिकारियों को भी उनके विभिन्न अपराधों के लिए शेनझेन की अदालत ने जेल की सजा सुनाई है। इन अधिकारियों को 6 से 18 साल तक की कैद की सजा मिली है, जिससे चीन के कॉरपोरेट क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ संदेश गया है।

एवरग्रैंड ग्रुप कभी पूरे चीन के रियल एस्टेट कारोबार का सबसे बड़ा नाम हुआ करता था, जो लोगों को घर खरीदने के हसीन सपने दिखाता था। लेकिन साल 2020 में जब चीनी सरकार ने बहुत अधिक कर्ज लेने पर रोक लगाने के लिए नियम बनाए, तो कंपनी के लिए नया कर्ज लेना असंभव हो गया।

चीन के रियल एस्टेट पर असर

नया कर्ज न मिल पाने के कारण एवरग्रैंड साल 2021 में अपने कर्जदाताओं का पैसा समय पर चुकाने में नाकाम रही और डिफॉल्ट कर गई। कंपनी के इस अचानक हुए पतन ने पूरे चीन के रियल एस्टेट बाजार को एक अत्यंत गहरे संकट में धकेल दिया, जिससे लाखों निवेशकों का पैसा डूबा।

भारतीय मुद्रा में कंपनी पर लगाया गया यह जुर्माना लगभग 23 हजार करोड़ रुपए के बराबर है, जो चीन के इतिहास में किसी भी कंपनी पर लगी सबसे बड़ी पेनाल्टी है। इस फैसले से स्पष्ट है कि चीनी सरकार अपने रियल एस्टेट बाजार में पारदर्शिता और कानून का शासन स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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