जकार्ता: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिगिट मैक्रों एक आधिकारिक दौरे पर जकार्ता पहुंचे। यह यात्रा फ्रांस और इंडोनेशिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में की गई है। इस वर्ष दोनों देशों के राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ भी मनाई जा रही है।
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की अपनी इस यात्रा के दौरान वियतनाम की राजधानी हनोई से होते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों रात करीब 10 बजे इंडोनेशिया के हलीम पेरदानकुसुमा एयर बेस पर पहुंचे। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत इंडोनेशिया के रक्षा मंत्री सजाफ्री स्जामसोएद्दीन, विदेश मंत्री सुगियोनो और जकार्ता के उप-गवर्नर रानो कार्नो ने किया। टरमैक पर पहुंचने के बाद राष्ट्रपति मैक्रों ने रक्षा मंत्री सजाफ्री से औपचारिक सलामी ली, फिर उनसे संक्षिप्त बातचीत की और अन्य मौजूद प्रमुख हस्तियों से परिचय प्राप्त किया।
स्वागत समारोह में बेतावी संस्कृति की जीवंतता देखने को मिली, जहां पारंपरिक नांजक अजर नृत्य और गंबांग क्रोमोंग का सजीव संगीत प्रस्तुत किया गया। फ्रांस के राष्ट्रपति और प्रथम महिला ने आधिकारिक वाहन में प्रस्थान करने से पहले कुछ समय रुककर इन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। हवाई अड्डे से प्रस्थान करने से पहले राष्ट्रपति मैक्रों ने मीडिया को एक मिनट का छोटा सा बयान भी दिया।
मैक्रों बुधवार को मर्डेका पैलेस में राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो के साथ एक द्विपक्षीय बैठक में शामिल होंगे। यह मुलाकात इंडोनेशिया और फ्रांस के बीच रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है, विशेष रूप से ऊर्जा संक्रमण, खाद्य सुरक्षा, रक्षा, डिजिटल प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक साझेदारी के क्षेत्रों में।
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गुरुवार को मैक्रों राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ मध्य जावा स्थित मैगेलांग की सैन्य अकादमी और प्रसिद्ध बोरोबुदुर मंदिर का दौरा करेंगे। रक्षा मंत्री सजाफ्री के अनुसार, सैन्य अकादमी में मैक्रों का एक प्रमुख कार्यक्रम फ्रेंच भाषा प्रयोगशाला का निरीक्षण करना है। यह प्रयोगशाला फ्रांस और इंडोनेशिया के बीच रक्षा सहयोग के तहत कैडेटों को फ्रेंच भाषा सिखाने का कार्य करती है।
सजाफ्री ने आगे कहा कि राष्ट्रपति मैक्रों फ्रेंच भाषा की उस प्रयोगशाला का दौरा करेंगे, जहां हमारे सैनिकों को फ्रांस भेजे जाने से पहले प्रशिक्षण दिया जाता है। इंडोनेशिया की यात्रा के बाद मैक्रों सिंगापुर जाएंगे।