नेपाल में आया भूकंप। इमेज-एआई 
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नेपाल में फिर आया भूकंप, तीव्रता इतनी कि घरों से निकले लोग

Nepal Earthquake: नेपाल के बझांग जिले में 4.4 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप से किसी भी तरह के नुकसान की तत्काल खबर नहीं है।

रंजन कुमार

Earthquake in Nepal: पड़ोसी देश नेपाल के सुदूर पश्चिम प्रांत के बझांग जिले में रविवार को यानी 30 नवंबर को 4.4 तीव्रता का भूकंप आया। इस कारण लोग अपने-अपने घर से बाहर निकल गए। अधिकारियों ने बताया कि भूकंप से किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है। राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र (NEMRC) के अनुसार, भूकंप का केंद्र बझांग जिले में साइपाल पर्वत था।

एनईएमआरसी ने बताया कि भूकंप के झटके पश्चिमी प्रांत के बाजुरा सहित पड़ोसी जिलों में रहने वाले लोगों ने महसूस किए। नेपाल सर्वाधिक सक्रिय टेक्टोनिक क्षेत्रों (भूकंपीय क्षेत्र चार और पांच) में स्थित है। इसके कारण यह भूकंप के प्रति अत्यंत संवेदनशील है और यहां प्रत्येक वर्ष कई बार भूकंप आते हैं।

कास्की में आया था भूकंप

इससे पहले नेपाल में गंडकी प्रांत के कास्की जिले में 23 नवंबर को भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर पैमाने पर चार की तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया था। राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र के अनुसार, भूकंप स्थानीय समयानुसार शाम 5.17 बजे दर्ज किया गया था। उसका केंद्र अन्नपूर्णा द्वितीय पर्वत के पास स्थित था। भूकंप का झटका पड़ोसी बालुंग, लामजुंग और स्यांगजा जिलों में भी महसूस किया गया था।

अमेरिका में 27 नवंबर को आया था भूकंप

27 नवंबर की सुबह अमेरिका में अलास्का के एंकोरेज महानगरीय क्षेत्र में 6.0 तीव्रता का भूकंप आया था। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (UMGS) के अनुसार, भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 8:11 बजे 69 किलोमीटर की गहराई पर आया। किसी महत्वपूर्ण क्षति की तत्काल रिपोर्ट नहीं मिली। इसका केंद्र अलास्का के सुसित्ना से 12 किलोमीटर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम में स्थित था, जो शहर से 108 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित है। किसी बड़े नुकसान की कोई सूचना नहीं है। यूएसजीएस के अनुसार, अलास्का अमेरिका का सबसे अधिक भूकंप-जोखिम राज्य है। दुनिया के सबसे अधिक भूकंपीय रूप से सक्रिय क्षेत्रों में से एक है। इस राज्य में लगभग हर साल सात तीव्रता का भूकंप आता है।

क्यों आते हैं भूकंप?

भूकंप आने का मुख्य कारण टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल है। पृथ्वी की पपड़ी में मौजूद इन विशाल प्लेटों के किनारे जब टकराते और घर्षण करते या एक-दूसरे के ऊपर से गुजरते हैं तो भारी दबाव बनता है। जब यह दबाव चट्टानों की सहनशक्ति से अधिक होता है तो वे टूट जाती हैं। जमा हुई ऊर्जा अचानक से मुक्त होती है, जिससे भूकंपीय तरंगें पैदा होती हैं और जमीन कांपने लगती है।

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