सांकेतिक फोटो (सो. एआई)  
विदेश

पाकिस्तान में भूकंप के तेज झटकों से मचा हड़कंप, कराची में घरों से भागे लोग; जानें क्या रही तीव्रता

पाकिस्तान के कराची में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.2 आंकी गई, हालांकि अभी तक किसी भी तरह की जनहानि या संपत्ति को नुकसान की सूचना नहीं मिली है।

अमन उपाध्याय

इस्लामाबाद: पाकिस्तान एक बार फिर भूकंप के झटकों से कांप उठा है। इस बार भूकंप ने देश की आर्थिक राजधानी कराची को हिला डाला है। शनिवार को भूकंप आने से लोगों में दहशत फैल गई। जानकारी के मुताबिक इसका असर कराची के कम से कम पांच इलाकों तक किया गया महसूस किया गया। जैसे ही लोगों ने झटके महसूस किए, वे घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। अभी लगभग 15 दिनों पहले भी इस शहर ने भूकंप के अनेक झटके सहे थे।

कराची मौसम विज्ञान केंद्र के प्रमुख मौसम वैज्ञानिक आमिर हैदर के मुताबिक, शनिवार को आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.2 थी। इस भूकंप का केंद्र जमीन से 38 किलोमीटर नीचे था। हैदर ने बताया कि शहर के कम से कम पांच क्षेत्रों में इन झटकों को महसूस किया गया। उन्होंने समझाया कि लांधी इलाके में स्थित एक प्राचीन भूकंपीय 'फॉल्ट लाइन' से ऊर्जा मुक्त होने के कारण ये झटके आ रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, "अगर यह ऊर्जा एक साथ बाहर निकलती, तो बड़े भूकंप का खतरा हो सकता था, लेकिन शनिवार को ऐसा नहीं हुआ।"

कराची में कम से कम 21 भूकंपीय झटके

आमिर हैदर ने जानकारी दी कि एक जून से अब तक कराची में हल्के स्तर के कम से कम 21 भूकंपीय झटके दर्ज किए गए हैं, जिनकी तीव्रता 2.1 से 3.6 तक रही। उन्होंने समझाया, ‘‘जैसे-जैसे यह भूगर्भीय भ्रंश (फॉल्ट लाइन) अपनी संचित ऊर्जा धीरे-धीरे मुक्त करेगी, भूकंप के झटकों की ताकत भी कम होती जाएगी।’’ हैदर ने याद दिलाया कि साल 2009 में भी यही भ्रंश रेखा सक्रिय हुई थी, जिसके कारण शहर में बार-बार भूकंप आए थे, मगर कुछ समय बाद यह शांत हो गई थी। अबकी बार मिसाइलें दागीं तो राख होगा तेहरान, इजरायल ने दी ईरान को खुलेआम धमकी

भूकंप आने का यह है मुख्य वजह

पाकिस्तान की भौगोलिक स्थिति उसे भूकंपों के लिए विशेष रूप से संवेदनशील बनाती है। यह देश भारतीय, यूरेशियन और अरब टेक्टोनिक प्लेटों के संगम स्थल पर बसा हुआ है, जिस वजह से यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं। पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान में कई भूकंप दर्ज किए गए हैं, जिनमें 30 अप्रैल को आए 4.4 तीव्रता का और 12 अप्रैल को आए 5.8 तीव्रता के बड़े झटके भी शामिल है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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