Drone Attack On Russian Cargo Ship Nadezhda Near Novorossiysk: रूस के ब्लैक सी पोर्ट नोवोरोस्सिय्स्क के पास सोमवार को एक बड़ी सुरक्षा घटना सामने आई है। यहां नोवोरोस्सिय्स्क से करीब 20 नॉटिकल मील की दूरी पर एक रोल-ऑन/रोल-ऑफ कार्गो जहाज पर अचानक खतरनाक हमला हुआ। यह जहाज रूस के प्रमुख पोर्ट से तुर्की के सैमसन पोर्ट की तरफ तेजी से जा रहा था। इस घटना के बाद पूरे ब्लैक सी क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
इस हमले के शिकार हुए रूसी कार्गो जहाज की पहचान 'नदेज्दा' (Nadezhda) के रूप में हुई है, जिस पर अचानक आसमान से अज्ञात ड्रोन हमला किया गया। हमले के समय जहाज पर कुल 22 क्रू मेंबर्स मौजूद थे। तुर्की की मरीन अथॉरिटी ने सोमवार 3 अगस्त को इस हमले की पूरी तरह से आधिकारिक पुष्टि की है। इस ड्रोन हमले ने समुद्री सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े किए हैं।
हमले के तुरंत बाद जहाज के अगले हिस्से में भीषण आग लग गई, जिसने तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया। इस भयानक ड्रोन हमले के कारण जहाज पर ड्यूटी पर तैनात तीन क्रू मेंबर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की नाज़ुक स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत एक छोटी नाव की मदद से जलते हुए जहाज से बाहर सुरक्षित निकाला गया।
राहत और बचाव कार्य के दौरान जहाज पर सवार सभी 22 क्रू मेंबर्स को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद उन सभी को प्राथमिक इलाज और सुरक्षा कारणों से वापस रूस देश सुरक्षित ले जाया गया। हालांकि सभी सदस्यों को बाहर सुरक्षित निकालने के बाद भी जहाज के अग्रिम हिस्से में भीषण आग काफी देर तक लगातार धधकती रही, जिससे जहाज को भारी नुकसान पहुंचा।
रॉयटर्स समाचार एजेंसी ने शिप ट्रैकिंग डेटा के आधार पर इस बात की पूरी तरह पुष्टि की है कि यह हमला ब्लैक सी क्षेत्र में हुआ है। मौके पर मौजूद लोगों द्वारा बनाए गए ताजा वीडियो और जहाज की पुरानी तस्वीरों के मिलान से नदेज्दा जहाज की पहचान सुनिश्चित की गई। वीडियो की तारीख की पुष्टि भी आधिकारिक सरकारी बयानों के आधार पर पूरी तरह सच साबित हुई है।
इस हमले के पीछे किस संगठन या देश का हाथ है, इसे लेकर अभी तक गहरा रहस्य बना हुआ है। तुर्की की मरीन अथॉरिटी ने भी अपने आधिकारिक बयान में इस ड्रोन हमले के लिए किसी को भी सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया है। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस इस पूरी घटना की बारीकी से जांच कर रही हैं ताकि दोषियों का पता लगाया जा सके।