Trump Warns NATO Not To Give Iran Nuclear Weapons: ईरान के न्यूक्लियर वेपंस के बारे में बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने बहुत सख्त अपनाया है। उन्होंने अपने सभी नाटो सहयोगियों को यह स्पष्ट चेतावनी दी है कि वह ईरान को बिल्कुल हथियार न दें। अगर ईरान को यह खतरनाक हथियार मिलते हैं तो वह इनका इस्तेमाल इजराइल और यूरोप पर कर सकता है। ट्रंप का यह साफ मानना है कि ईरान पूरी दुनिया और मध्य पूर्व के लिए बहुत बड़ा खतरा बन चुका है।
ईरान की न्यूक्लियर वेपंस से वैश्विक खतरे के कारण अमेरिका भी अब पूरी तरह से सतर्क हो गया है। ट्रंप ने कहा कि मध्य पूर्व के बाद ईरान का अगला निशाना खुद अमेरिका भी हो सकता है। इसलिए किसी भी हाल में इन हथियारों को विकसित करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। दुनिया को तबाही से बचने के लिए अमेरिका ईरान के खिलाफ हर जरूरी कदम पूरी सख्ती से उठाएगा।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की ताकत पर तंज कसते हुए कहा कि उनके पास 159 जहाज मौजूद हैं। लेकिन वे सभी जहाज इस वक्त समुद्र की तलहटी में पूरी तरह से डूबे हुए हैं। अमेरिका के सामने ईरान की सैन्य ताकत और उसके जहाज ज्यादा दिन तक बिल्कुल भी नहीं टिक सकते हैं।
इस बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन का भी बहुत मजाक उड़ाया। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने फ्रांस को 250% टैरिफ लगाने की बहुत बड़ी और सीधी धमकी दी थी इसी भारी दबाव के कारण फ्रांस को दवाओं की ऊंची कीमत तुरंत स्वीकार करनी पड़ीं।
ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर ईरान को यह हथियार मिल गए तो दुनिया खतरे में पड़ जाएगी। उनका प्रशासन किसी भी कीमत पर दुनिया की शांति को ऐसे भारी खतरे में बिल्कुल नहीं डालेगा। जब यह युद्ध खत्म होगा तो दुनिया पूरी तरह से परमाणु हथियारों से मुक्त होगी।
राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान पुराने समझौते का बिल्कुल भी सही तरीके से पालन नहीं कर रहा है। अमेरिका इसे ठीक करेगा और 3 साल बाद इसी समस्या का फिर से सामना नहीं करेगा। ट्रंप प्रशासन ईरान को समय से पहले पीछे हटने का कोई भी मौका अब नहीं देगा।
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डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए शांति प्रस्ताव पर बहुत ज्यादा निराशा और संतोष व्यक्त किया है। बातचीत में लगातार हो रही देरी के कारण वह ईरान के भेजे गए प्रस्ताव से बिल्कुल खुश नहीं है। ट्रंप को पक्का यकीन नहीं है कि अमेरिका और ईरान के बीच कोई भी शांति समझौता हो पाएगा।
दुनिया भर में बढ़ती हुई महंगाई और खास तौर पर पेट्रोल की कीमतों पर भी ट्रंप ने अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि अन्य चीजों की कीमतें नीचे हैं लेकिन पेट्रोल के दाम अभी बहुत ऊंचे बने हुए हैं। युद्ध खत्म होने के बाद ही आम जनता को इन ऊंची कीमतों और तनाव से बड़ी राहत मिल सकेगी।