Donald Trump China Visit Latest News In Hindi: नौ साल बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी पहली आधिकारिक चीन यात्रा पर एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बुधवार को बीजिंग पहुंचे हैं, जहां 2024 में सत्ता में लौटने के बाद उनकी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से यह दूसरी मुलाकात होगी। इस हाई-प्रोफाइल शिखर सम्मेलन पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं क्योंकि यह वैश्विक कूटनीति और आर्थिक स्थिरता के लिए एक बेहद नाजुक समय पर हो रहा है।
जैसे ही राष्ट्रपति का विमान 'एयर फोर्स वन' चीनी राजधानी की धरती पर उतरा, वहां का माहौल पूरी तरह से कूटनीतिक सरगर्मियों से भर गया। चीन ने राष्ट्रपति ट्रंप का जिस तरह से भव्य और शाही स्वागत किया, वह इस बात का संकेत है कि दोनों देश वर्तमान वैश्विक तनाव के बीच भी आर्थिक सहयोग की नई संभावनाओं को तलाशने के लिए उत्सुक हैं।
व्हाइट हाउस द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, बीजिंग के हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति ट्रंप का स्वागत करने के लिए चीन की ओर से शीर्ष स्तर के अधिकारियों का एक बड़ा दल मौजूद था। इस भव्य स्वागत समारोह का नेतृत्व चीनी उपराष्ट्रपति हान झेंग ने किया। उनके साथ वाशिंगटन में चीन के राजदूत शी फेंग, विदेश मंत्रालय के कार्यकारी उप मंत्री मा झाओक्सू और बीजिंग में अमेरिकी दूत डेविड परड्यू भी मौजूद रहे, जिन्होंने औपचारिक प्रोटोकॉल के अनुसार राष्ट्रपति का गर्मजोशी से अभिनंदन किया।
चीन ने इस स्वागत समारोह को एक विशाल सांस्कृतिक और सैन्य आयोजन का रूप दिया। हवाई अड्डे पर लगभग 300 चीनी युवाओं ने उत्साहपूर्वक राष्ट्रपति का स्वागत किया। इस दौरान एक अनुशासित सैन्य सम्मान गार्ड और एक मिलिट्री बैंड ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से इस अवसर को और भी गरिमापूर्ण और यादगार बना दिया। यह भव्यता स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि चीन इस शिखर सम्मेलन को कितनी गंभीरता और कूटनीतिक महत्व दे रहा है।
राष्ट्रपति ट्रंप की इस यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता उनके साथ आया वह प्रतिनिधिमंडल है जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। इस प्रतिनिधिमंडल में अमेरिकी कॉरपोरेट जगत के 16 सबसे प्रभावशाली नाम शामिल हैं, जिनमें टेस्ला के एलन मस्क और एप्पल के सीईओ टिम कुक सबसे प्रमुख हैं।
मस्क की इस यात्रा में भागीदारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है। गौरतलब है कि मस्क पहले भी ट्रंप प्रशासन में वरिष्ठ सलाहकार के रूप में कार्य कर चुके हैं और उन्होंने संघीय नौकरशाही में सुधारों का नेतृत्व किया था। हालांकि, पिछले साल कुछ मतभेदों के कारण उन्होंने पद छोड़ दिया था लेकिन हाल के महीनों में दोनों के बीच फिर से बढ़ी नजदीकी इस यात्रा के जरिए दुनिया के सामने आ गई है।
इस पूरी यात्रा का सबसे निर्णायक हिस्सा गुरुवार को होने वाला है, जब राष्ट्रपति ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्विपक्षीय वार्ता के लिए आमने-सामने बैठेंगे। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच एक औपचारिक भोज का भी आयोजन किया जाएगा, जो कूटनीतिक रिश्तों में जमी बर्फ को पिघलाने का काम कर सकता है।
यह भी पढ़ें:- ट्रंप की चीन यात्रा से पहले ड्रैगन की दो टूक, ताइवान समेत इन 4 मुद्दों पर बातचीत से किया साफ इनकार
वार्ता का मुख्य केंद्र आर्थिक सहयोग को और अधिक गहरा करना और नई व्यापारिक पहलों के लिए रास्ते खोलना है। अमेरिकी अधिकारियों के संकेतों के अनुसार, ट्रंप इस दौरान चीन के साथ नए 'निवेश और व्यापार बोर्डों' के गठन के प्रस्ताव पर भी विस्तार से चर्चा कर सकते हैं।